अल्मोड़ा। नगर की सत्ता पर सालों से राज करते आ रही कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। नगर निगम के पहले चुनाव में भाजपा प्रत्याशी अजय वर्मा ने एक बड़े अंतर से जीत दर्ज कर शहर की सत्ता भाजपा को सौंप दी है। इसके साथ ही नगर में भाजपा का सालों का सूखा खत्म हुआ है।
भाजपा प्रत्याशी अजय वर्मा को 8788 मत मिले जबकि कांग्रेस प्रत्याशी भैरव गोस्वामी को 6309 मत मिले। वही, निर्दलीय ताल ठोकने वाले अमन अंसारी को 221 मत प्राप्त हुए। हालांकि, नामांकन के बाद उन्होंने कांग्रेस को अपना समर्थन दिया था। इसके अलावा 114 लोगों ने नोटा को वोट किया। जबकि 419 मत रद्द हुए। अजय वर्मा को 2479 वोटों में बढ़त है। खगमराकोट वार्ड का परिणाम जारी होने के बाद यह अंतर और बढ़ सकता है। खबर लिखे जाने तक परिणाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई थी।
सूचना विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, यह परिणाम 39 वार्डों के मतों की गणना के अनुसार है। खगमराकोट वार्ड के मतों की गणना इसमें शामिल नहीं है। बताया जा रहा है कि खगमराकोट वार्ड के कुछ प्रत्याशियों ने काउंटिंग के दौरान मतदाताओं की गोपनीयता भंग होने पर आपत्ति दर्ज कराई है। मामले फिलहाल निर्वाचन आयोग में है। आयोग के फैसले के बाद चुनाव का अंतिम परिणाम जारी होगा।
मेयर सीट समेत पार्षद के कई पदों पर जीत से भाजपाई गदगद है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने अजय वर्मा समेत केंद्रीय राज्य मंत्री व अन्य पदाधिकारियों का फूल मालाओं से जोरदार स्वागत किया और भाजपा के पक्ष में नारेबाजी की।
केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा जनता ने प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के कार्यों पर मुहर लगाई है। नगर में अब ऐतिहासिक कार्य होंगे। यहां भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष कैलाश शर्मा, जिलाध्यक्ष रमेश बहुगुणा, जिला महामंत्री धर्मेंद्र बिष्ट, भाजयुमो के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कुंदन लटवाल, कैलाश गुरुरानी समेत कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बीते वर्ष शासन ने नगरपालिका परिषद अल्मोड़ा को नगर निगम का दर्जा दिया था। ऐसे में नगर निगम के लिए यह पहला चुनाव था। लंबे अर्से से नगरपालिका में कांग्रेस का कब्जा था। निगम बनने के बाद मेयर सीट पर कब्जा जमाने के लिए भाजपा ने चुनाव में ऐड़ी चोटी का जोर लगा दिया। मेयर के पद पर भाजपा कांग्रेस में सीधा मुकाबला था। मतगणना शुरू होने से पहले तक इस सीट पर भाजपा कांग्रेस में कड़ी टक्कर मानी जा रही थी। लेकिन जैसे ही मतपेटियों के खुलने का क्रम शुरू हुआ तो भाजपा लगातार बढ़त बनाते रही। तीसरे राउंड के परिणाम आते ही भाजपाईयों ने जीत का जश्व मनाना शुरू कर दिया।
इस निकाय चुनाव में प्रत्याशियों के साथ ही भाजपा कांग्रेस के कई बड़े नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी। विधायक, पूर्व विधायक समेत कई नेता दिन रात चुनाव में जुटे रहे। एक दूसरे पर जमकर आरोप प्रत्यारोप भी लगे। यही नहीं मतदान के दिन रामशिला वार्ड में नेताओं में आपस में लात घूंसे तक चल पड़े। लेकिन नगर की जनता ने परिवर्तन का मन बनाकर इस चुनाव में भाजपा को जनादेश दिया।
इससे पहले साल 2013 में अजय वर्मा ने नगरपालिका का चुनाव लड़ा था। तब सीट अनारक्षित थी। बावजूद इसके भाजपा ने उन पर विश्वास जताया और उन्हें पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी बनाया था। लेकिन तब उन्हें अपने निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस के प्रकाश चंद्र जोशी से हार का सामना करना पड़ा। तब वह एक कड़े मुकाबले में करीब 400 मतों के अंतर से पराजित हुए थें।
जनता का जनादेश स्वीकार: तिवारी
अल्मोड़ा। नगर निगम चुनाव में हार के बाद विधायक मनोज तिवारी ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शहर की जनता द्वारा दिए जनादेश को वें स्वीकार करते हैं। उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत के बाद भी परिणाम हमारे पक्ष में नहीं आ पाया। हार के कारणों की समीक्षा की जाएगी। साथ ही उन्होंने मेयर व पार्षद पद पर विजयी हुए सभी उम्मीदवारों को बधाई व शुभकामनाएं दी है। उन्होंने कहा कि वें उम्मीद करते है, जो जनादेश मिला है सभी विजयी उम्मीदवार उसके अनुसार शहर के विकास में अग्रणी भूमिका निभाएंगे।
पार्षद पद पर पति पत्नी ने दर्ज की जीत
अल्मोड़ा। नगर निगम की मतगणना के बीच एक दंपति की जीत की काफी चर्चा रही। भाजपा ने वार्ड संख्या 11 झिझाड़ से पूर्व सभासद अमित साह मोनू तथा पांडेखोला वार्ड से उनकी पत्नी ज्योति साह को टिकट दिया था। दोनों को 261-261 मत हासिल हुए। यह पहला अवसर होगा जब पति पत्नी दोनों बोर्ड बैठकों में एक साथ शिरकत करेंगे।
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