अल्मोड़ा। विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों की एक आनलाइन बैठक आयोजित हुई। बैठक में 41 वर्ष पूर्व नशा नहीं, रोजगार दो, काम का अधिकार दो आंदोलन की आगामी दो-तीन फरवरी को प्रस्तावित आयोजन के संबंध में विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
नशा नहीं रोजगार दो आंदोलन में निरंतर सक्रिय रहे उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी प्रतिभागियों द्वारा समाज में बढते सभी प्रकार के नशे और बेरोजगारी के खिलाफ एक व्यापक जनआंदोलन खड़ा करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
वक्ताओं ने कहा कि जहां एक ओर लोगों की बुनियादी जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही हैं, वहीं दूसरी ओर रोजगार की कमी और बढ़ती व्यापक आर्थिक असमानता के कारण आम युवा भी नशे के शिकार हो रहे हैं। और सरकार कदम-कदम पर शराब की दुकानें खोल कर घर-घर तक शराब पंहुचाने के लक्ष्य पर काम कर रही है।
बैठक में निर्णय लिया गया कि जन जागरूकता के लिए अभियान के तहत एक पांच सदस्यीय समिति, जिसके सदस्य चारू तिवारी, डॉ. हेमा जोशी, त्रिलोचन भट्ट, हीरा जंगपांगी और डॉ. अरुण कुकसाल होंगे। यह समिति एक ड्राफ्ट तैयार करेंगे, जिसे जनता के बीच प्रसारित किया जाएगा। सोशल मीडिया में भी अभियान चलाया जाएगा। जन गीत, नुक्कड़ नाटकों, पर्चे के माध्यम से संदेश दिया जाएगा।
30 जनवरी को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर अल्मोड़ा में नंदादेवी परिसर में एक खुली सभा का आयोजन कर चर्चा की जाएगी। जिसके बाद बसभीड़ा, चौखुटिया, देहरादून सहित प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर धरना प्रदर्शन, रैली एवं गोष्ठियों के माध्यम से इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जाएगा। दो फरवरी को सभी जनपद मुख्यालयों के माध्यम से सरकार को ज्ञापन प्रेषित किया जाएगा। आंदोलन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए अन्य सामाजिक, राजनीतिक संगठनों, समाज के प्रबुद्ध वर्ग, प्रगतिशील महिला संगठनों, छात्र-नौजवानों को भी सम्मिलित करने के प्रयास किये जाएंगे।
आनलाइन बैठक में विभिन्न जिलों से लोग जुड़ें। जिसमें उत्तराखण्ड महिला मंच से राज्य आंदोलनकारी कमला पंत, हीरा जंगपागी, डाॅ. हेमा जोशी, लीला बोरा, एडवोकेट राजकुमार त्यागी, एडवोकेट और पर्यावरण एक्टिविस्ट स्निग्धा, विनोद बडोनी, निर्मल दर्शन, हरेन्द्र कुमार अवस्थी, किरन आर्या, आनंदी वर्मा, विनीता कठैत, भावना पांडे, भारती, विनीता, पंकज, कमल सिंह, आंचल, प्रांजल कुंजवाल, विनोद कुमार विष्ट, मयंक, गिरधारी कांडपाल, एडवोकेट गोपाल राम, धीरेन्द्र मोहन पंत, मोहन सिंह आदि शामिल रहे। बैठक का संचालन नरेश नौड़ियाल ने किया।
आंदोलन के संयोजक उपपा के पीसी तिवारी ने कहा कि प्रदेश में नशे के बढ़ते प्रकोप और बेलगाम होती बेरोजगारी से त्रस्त छात्र, युवाओं और समाज के सभी वर्गों को एकजुट कर “नशा मुक्त “उत्तराखंड के लिए पहल शुरू की जा रही है, उन्होंने छात्रों, युवाओं, महिलाओं, सामाजिक राजनीतिक संगठनों, व्यापारियों एवं सरकारी, गैर- सरकारी तमाम लोगों से 30 जनवरी को 11:30 बजे नंदा देवी प्रांगण में पहुंचने की अपील की है।
तिवारी ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान “निर्मल दर्शन नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र” की ओर से नशे को लेकर नुक्कड़ नाटकों का प्रदर्शन भी किया किया जाएगा। यह नाटक नशे में बुरी तरह फ़सने के बाद उससे बाहर निकले युवाओं द्वारा किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि साल 1984 में चौखुटिया के एक छोटे से गांव बसभीड़ा से शुरू हुआ नशा नहीं, रोजगार दो आंदोलन 41 साल पूरे करने वाला है, इस अवसर पर प्रदेश के तमाम सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक संगठनों, बुद्धिजीवियों ने मिलकर पूरे प्रदेश में नशा नहीं रोजगार दो जन अभियान शुरू करने का फैसला किया है।
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