इंडिया भारत न्यूज डेस्क। एसटीएफ और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने दस हजार के ईनामी अपराधी व शूटर को गिरफ्तारी किया है। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश करने की कार्यवाही की है।
पकड़ा गया आरोपी वर्ष 2016 में रुद्रपुर में हुए चर्चित छोटे प्रधान हत्याकाण्ड व वर्ष 2017 में रामनगर में पुलिस पार्टी पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की घटना में शामिल था। जो पुलिस द्वारा गिरफ्तारी के बाद कोर्ट से भगोड़ा घोषित होने पर विदेश भाग गया था।
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार एसटीएफ को शूटर के रामनगर क्षेत्र में होने का इनपुट मिला था। जिस पर एसटीएफ द्वारा कोतवाली रामनगर से सम्पर्क कर एक ज्वाइंट ऑपरेशन में आरोपी को पकड़ने के लिए जाल बिछाते हुए नाकेबंदी घेराबंदी करके गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी पुत्र अवतार सिंह, निवासी ग्राम मनतारापुर हस्तिनापुर जिला मेरठ को गिरफ्तार किया गया। गुरप्रीत की गिरफ्तारी के बाद उसे कोतवाली रामनगर लाया गया। जहां से उसकी गिरफ्तारी की सूचना उत्तराखण्ड व पंजाब के विभिन्न थानों में दी गयी।
एसएसपी नवनीत भुल्लर के अनुसार एसटीएफ की टीम ने तकनीकी तथा भौतिक सूचनाओं का विश्लेषण करते हुये एक महीने की मशक्कत के बाद यह गिरफ्तारी की है। गिरफ्तार अपराधी के खिलाफ पूर्व में उत्तराखण्ड के रुद्रपुर व रामनगर तथा पंजाब के मोहाली व अमृतसर में हत्या, जान से मारने के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट व आर्म्स एक्ट के कुल छः मुकदमें दर्ज हैं। सम्बन्धित थानों से अपनी गिरफ्तारी के बाद जमानत में छूटने पर वह फरार होकर विदेश भाग गया था। उत्तराखण्ड व पंजाब के विभिन्न न्यायालयों द्वारा उसे भगोड़ा घोषित करते हुए उसकी गिरफ्तारी के वारंट जारी कर दिये गये थे।
गुरप्रीत उर्फ गोपी एक पेशेवर भाड़े का हत्यारा है, वर्ष 2016 रुद्रपुर में इसके द्वारा दिनदहाड़े अपने साथियों के मिलकर छोटे लाल नामक प्रधान की कांन्ट्रेक्ट कीलिंग की गयी थी और 2017 में इसके द्वारा रामनगर में रोके जाने पर पुलिस पार्टी पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की गयी थी।
एसएसपी नैनीताल प्रहलाद नारायण मीना द्वारा बताया गया कि गिरफ्तार अपराधी गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी के द्वारा 27 जुलाई 2017 को पुलिस द्वारा नाके पर रोके जाने पर अपने साथियों के साथ पुलिस पार्टी के ऊपर जान से मारने की नीयत से कई राउंड फायर किये गये। हालांकि, इस घटना में किसी पुलिस कर्मी को कोई चोट नही आयी थी। घटना की एफआईआर रामनगर कोतवाली में दर्ज हुयी थी। बाद में पुलिस द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी की गयी थी। लेकिन गोपी जमानत के बाद फरार हो गया था। काफी समय तक फरार रहने के बाद कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित करते हुए उसके खिलाफ गिरफ्तारी का स्थायी वारंट जारी किया था। पूर्व में इस पर मेरे द्वारा भी इसकी गिरफ्तारी पर ईनाम घोषित किया गया था।
शूटर को गिरफ्तार करने वाली टीम में एसटीएफ इंस्पेक्टर एमपी सिंह, एसआई बृजभूषण गुररानी, जगपाल सिंह, रियाज अख्तर, गुरवंत सिंह, रामनगर इंस्पेक्टर अरुण सैनी, एसएसआई मनोज नयाल, विपिन शर्मा, भूपेन्द्र, ललित आदि शामिल रहे।
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