Breaking News
Oplus_131072

विधायक के नेतृत्व में कांग्रेस का शिष्टमंडल डीएम से मिला, क्वारब निर्माण कार्यों में सुधार न होने पर दी आंदोलन की चेतावनी

अल्मोड़ा। अल्मोड़ा-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग में क्वारब डेंजर जोन के पास हो रहे निर्माण कार्य में सुधार की मांग को लेकर विधायक मनोज तिवारी के नेतृत्व में कांग्रेस के शिष्टमंडल ने जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय से मुलाकात की। जहां डीएम को ज्ञापन सौंप वैकल्पिक मार्ग में शीघ्र निर्माण कार्य शुरू करने और क्वारब में निर्माण कार्य में बरती जा रही लापरवाही की जांच कराकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई।

डीएम को सौंपे ज्ञापन में कहा गया कि नेशनल हाइवे 109 क्वारब के पास विगत एक वर्ष से अधिक समय से क्षतिग्रस्त है। मार्ग अवरूद्ध होने से अल्मोड़ा, बागेश्वर व पिथौरागढ़ की जनता और व्यापारियों को आर्थिक नुकसान हो रहा है एवं मंहगाई लगातार बढ़ रही है। साथ ही रेफर किये गये मरीजों की जान पर बन रही है। डीएम से मामले में हस्तक्षेप पर निर्माण कार्य युद्धस्तर पर कराए जाने की मांग की गई।

 

ज्ञापन में कहा कि क्वारब में जब नये पुल का निर्माण हुआ तब निर्माण स्थल के चयन एवं पहाड़ी कटान कार्य पर भू-गर्भीय सर्वेक्षण के अनुरूप ही कार्य किया जाना था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया जिससे वर्तमान में स्थिति विपरीत हो गई है। कांग्रेस ने मामले में उच्चस्तरीय जाँच कर उत्तरदायित्व तय करने और इस लापरवाही से पहुंची क्षति की दोषियों से क्षतिपूर्ति किए जाने, निर्माण कार्यों का तकनीकी आडिट करने एवं क्षतिग्रस्त मार्ग की निविदा को तत्काल निरस्त करने की मांग की है।

 

विधायक तिवारी ने कहा कि निर्माण कार्य में होने वाला व्यय जनता की गाढ़ी कमाई का है, जिसे किसी भी दशा में अनदेखा नहीं किया जा सकता है। यदि ऐसी ही स्थिति बनी रही तो जनता को साथ लेकर व्यापक आंदोलन किया जाएगा।

 

इस दौरान जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज, नगर अध्यक्ष तारा चंद्र जोशी, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष राधा बिष्ट, पूरन रौतेला, केवल सती, व्यापार मंडल अध्यक्ष सुशील साह, भैरव गोस्वामी, महेश चंद्र, हिमांशु मेहता, दीपक कुमार समेत कई कांग्रेसजन मौजूद रहे।

Check Also

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के स्पेशल मॉनिटर विद्या कुमार भूषण का दो दिवसीय अल्मोड़ा दौरा, वनाग्नि से निपटने की तैयारी परखी

-फायर फाइटर्स और महिला समूहों से किया सीधा संवाद   ​अल्मोड़ा: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *