पत्रकारों ने शासनादेश में संसोधन को बताया अव्यवहारिक
अल्मोड़ा। उत्तराखंड प्रेस क्लब, अल्मोड़ा ने उत्तराखंड संकटाग्रस्त वयोवृद्ध पत्रकार पेंशन योजना की वर्तमान नियमावली में शिथिलता बरतने की मांग की है। प्रेस क्लब से जुड़े पत्रकारों ने मंगलवार को एक कार्यक्रम के दौरान महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल व पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात कर उन्हें इस आशय का ज्ञापन सौंपा। पत्रकारों ने प्राविधान में आवश्यक संशोधन करवा कर जरूरतमंद पत्रकारों को पेंशन का लाभ दिलवाने के लिए सचिव सूचना को अपने स्तर से निर्देशित करने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा कि प्रदेश में उत्तराखंड संकटाग्रस्त वयोवृद्ध पत्रकार पेंशन योजना लागू है। इसमें 15 साल की लगातार मान्यता का नियम जरूरतमंद बुजुर्ग पत्रकारों को पेंशन प्राप्त करने से वंचित कर रहा है। आम तौर पर प्रदेश के जिले में प्रत्येक अखबार के एक प्रतिनिधि को मान्यता मिलती है। जबकि ब्यूरो आफिस, संपादकीय विभाग में कई पत्रकार काम करते हैं। जिन्हें मान्यता नहीं मिल पाती है। ऐसे में पेंशन के लिए 15 साल की मान्यता का प्राविधान न्याय संगत नहीं कहा जा सकता है। कहा कि 22 मई के शासनादेश को संशोधन किया गया है। जो कतई व्यवहारिक नहीं है इसको लेकर पत्रकारों में गहरा रोष है।
प्रेस क्लब द्वारा योजना में शामिल किए जाने वाले पत्रकारों के लिए लगातार मान्यता अवधि अधिकतम दस वर्ष रखे जाने एवं लम्बे समय से पत्रकारिता में सक्रिय मान्यताविहीन पत्रकारों को समयावधि निर्धारित कर उनके पत्रकारिता साक्ष्यों के आधार पर योजना का लाभ दिए जाने के सुझाव दिए गए हैं।
ज्ञापन सौंपने वालों में उत्तराखंड प्रेस क्लब के संप्रेक्षक, वरिष्ठ पत्रकार जगदीश जोशी, सचिव रमेश जोशी, कार्यकारी उपाध्यक्ष हरीश भंडारी, उपसचिव अशोक पांडे, कपिल मल्होत्रा, कोषाध्यक्ष शिवेंद्र गोस्वामी समेत कई पत्रकार मौजूद रहे।
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