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लापरवाही: अल्मोड़ा के सरकारी स्कूलों में पहुंचाया एक्सपायरी डेट का दूध! मचा हड़कंप

-सरकारी सिस्टम की लापरवाही नौनिहालों के स्वास्थ्य पर पड़ सकती है भारी

-आंगनबाड़ी केंद्रों का दूध संकुल केंद्रों में पहुंचाने समेत अन्य कई गड़बड़ियां आईं सामने

 

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अल्मोड़ा। मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना के तहत सरकारी स्कूलों में दिए जाने वाले मीठा सुगंधित दूध आपूर्ति में गंभीर लापरवाही सामने आई है। हवालबाग विकासखंड के कई संकुल केंद्रों में एक्सपायरी डेट वाले दूध के पैकेट वितरित किए गए हैं। इस मामले के सामने आने के बाद हड़कंप मचा हुआ है।

 

दरअसल, उत्तराखंड कोआपरेटिव डेरी फेडरेशन द्वारा फोर्टीफाइड मीठा सुगंधित दुग्ध चूर्ण निर्मित कराया जाता है। जो मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना के तहत सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना(मिड डे मील) के साथ ही सप्ताह में दो बार कक्षा एक से आठवीं तक के बच्चों को पिलाया जाता हैं। और आंगनबाड़ी केंद्रों में इस दूध की आपूर्ति की जाती है। जिला स्तर पर इसके वितरण का जिम्मा दुग्ध संघ को सौंपा गया है।

 

दुग्ध संघ की ओर से बीते दिनों संकुल केंद्रों में दूध के पैकेट वितरित किए गए। जिसमें हवालबाग विकासखंड के संकुल केंद्र जूड़ कफून में 58 पैकेट वितरित किए गए। जब शिक्षकों ने दूध के पैकेट देखे तो वह हैरान रह गए। अधिकांश में उत्पादन तिथि व यूज बाय डेट प्रिंट नहीं थी। इसके अलावा अन्य कई तरह की गड़बड़ी भी सामने आई है। कुछ पैकेटों में उत्पादन तिथि 24 सितंबर 20 व यूज बाय डेट 21 मार्च 20 प्रिंट हुई है।

 

लापरवाही का आलम यह है कि आंगनबाड़ी केंद्रों में वितरित होने वाली दूध के कई पैकेट संकुल केंद्रों में वितरित किए गए हैं। आरोप है कि कई पैकेटों से उत्पादन तिथि व यूज बाय डेट की प्रिंटिंग हटाई गई है। इसी तरह की लापरवाही खत्याड़ी व स्यालीधार संकुल केंद्रों में भी सामने आई है।

 

दीपावली पर्व का अवकाश होने के चलते यह दूध स्कूलों तक नहीं पहुंचा है। संकुल प्रभारियों ने भी अपने स्तर से दूध वितरण को रोक दिया है। वही, संकुल केंद्रों के प्रभारियों द्वारा फिलहाल व्हाट्सएप के माध्यम से इसकी शिकायत अपने उच्चाधिकारियों से की है।

 

एक संकुल केंद्र प्रभारी द्वारा नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अधिकारियों द्वारा उनकी कॉल रिसीव नहीं की गई तो उन्होंने व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से लिखित शिकायत की है। इस मामले से जहां शिक्षक व अभिभावक हैरान हैं वही, दूसरी ओर जिम्मेदार अधिकारी मामले से पूरी तरह बेखबर बने हुए हैं।

 

उत्तराखंड कोआपरेटिव डेरी फेडरेशन द्वारा दूध निर्मित कराकर दुग्ध संघ को उपलब्ध कराया जाता है। दुग्ध संघ का कार्य सिर्फ वितरण का है। इसलिए जिम्मेदारी निर्माता फर्म की है। संकुल केंद्रों में आंगनबाड़ी केंद्रों के दूध के पैकेट पहुंचने की लापरवाही समेत पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।
    -अरुण नगरकोटी, प्रभारी जीएम, दुग्ध संघ अल्मोड़ा।

 

फिलहाल मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर इस तरह मामला है तो इसकी तुरंत जांच कराई जाएगी।
   -अत्रेश सयाना, प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी, अल्मोड़ा।

 

 

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