अल्मोड़ा। जिले में अपने कार्यों के प्रति लापरवाह अफसरों पर जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने सख्ती शुरू कर दी है। गुरुवार को कलेक्ट्रेट में डीएम की अध्यक्षता में सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में कई अधिकारियों के अनुपस्थित होने को डीएम से गंभीरता से लेते हुए कारण बताओं नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में डीएम ने कहा कि यदि कोई अधिकारी किसी कारणवश अगर बैठक में उपस्थित हो पाते हैं तो पूर्व में इसकी अनुमति लें और ऑनलाइन माध्यम से बैठक में प्रतिभाग करना सुनिश्चित करें। बैठक में विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए डीएम ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि जनता की शिकायतों का निस्तारण तय समय सीमा के भीतर और गुणवत्तापूर्ण रूप से किया जाए।
डीएम ने कहा सीएम हेल्पलाइन सरकार की प्राथमिकता है, इसलिए हर अधिकारी इसकी गंभीरता को समझे और प्रत्येक शिकायतकर्ता को कॉल कर व्यक्तिगत रूप से समस्या की जानकारी ले। उन्होंने कहा कि अधिकारी ग्रामीणों की समस्याओं को संवेदनशीलता से समझें, क्योंकि जनता प्रशासन के पास बहुत उम्मीद के साथ आती हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेयजल, राशन कार्ड, स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं से संबंधित शिकायतों का तत्काल निस्तारण किया जाए, और आवश्यकता पड़ने पर स्थलीय निरीक्षण किया जाए। बैठक में एडीएम युक्ता मिश्रा, सीएमओ नवीन चंद्र तिवारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
हीला-हवाली या लापरवाही बर्दाश्त नहीं: डीएम
अल्मोड़ा। डीएम अंशुल सिंह की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त शिकायतों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिमसें विभिन्न विभागों द्वारा दी जा रही सेवाओं की स्थिति एवं लंबित शिकायतों की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में डीएम ने स्पष्ट किया कि हीला-हवाली या टालमटोल की प्रवृत्ति किसी भी स्तर पर असहनीय है। अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि हर पात्र व्यक्ति तक शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ समयबद्ध रूप से पहुंचे। सभी कार्यालयों में सेवा का अधिकार अधिनियम संबंधी बोर्ड अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए।
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