इंडिया भारत न्यूज डेस्क: उत्तराखंड में इन दिनों वन्य जीवों का आतंक चरम पर है। बाघ, गुलदार, भालू लोगों की जान के दुश्मन बने हुए है। जंगली जानवरों के हमले में कई लोग अपनी जान गंवा चुके है।
एक और दिल दहलाने वाली खबर नैनीताल जिले के रामनगर से सामने आ रही है। जहां कॉर्बेट टाइगर रिज़र्व के अंतर्गत ढेला रेंज में बाघ के हमले में एक 60 वर्षीय महिला की मौत हो गई। बाघ महिला पर हमला कर उसे जंगल के भीतर घसीट ले गया।
मृतका की पहचान सुखिया पत्नी चंदू सिंह, उम्र लगभग 60 वर्ष, निवासी सांवल्दे गांव के रूप में हुई है। वह बक्सा समुदाय से ताल्लुक रखती थीं। जानकारी के अनुसार सुखिया अपने अन्य साथियों के साथ रोज़मर्रा की तरह घर के पास जंगल में लकड़ी लेने गई थीं। इसी दौरान घात लगाए बैठे बाघ ने अचानक उन पर हमला कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बाघ महिला को पकड़कर घने जंगल की ओर घसीटता हुआ ले गया। महिला की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बाघ महिला को जंगल के भीतर काफी दूर ले जा चुका था।
घटना की सूचना मिलते ही पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई और लोग भयभीत हो गए। सूचना मिलने पर कॉर्बेट टाइगर रिज़र्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला, उप निदेशक राहुल मिश्रा सहित वन विभाग की पूरी टीम मौके पर पहुंची और तत्काल सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। काफी प्रयासों के बाद वनकर्मियों ने महिला का शव जंगल के अंदर से बरामद किया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी मंजूनाथ टीसी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि सूचना मिलने पर ग्रामीण हथियारों, लाठी-डंडों और तलवारों के साथ मौके पर पहुंच रहे थे, जिन्हें तत्काल रोका गया। पूछताछ में पता चला कि जंगल में लकड़ी लेने गई महिलाओं में से एक को बाघ ने हमला कर घसीट लिया है। इसके बाद एसएचओ रामनगर और अन्य पुलिस बल को तुरंत मौके पर बुलाया गया और वन विभाग के साथ संयुक्त टीम बनाकर महिला का शव जंगल के अंदर से रिकवर किया गया।
कॉर्बेट प्रशासन द्वारा एहतियातन क्षेत्र में अतिरिक्त वनकर्मियों की तैनाती कर दी गई है। साथ ही आसपास के इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है, ताकि बाघ की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सके। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे जंगल की ओर अकेले न जाएं और पूरी सतर्कता बरतें।
कॉर्बेट टाइगर रिज़र्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने बताया कि बाघ को ट्रेंकुलाइज करने के लिए मौके पर पिंजरे लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही कैमरा ट्रैप और ड्रोन के माध्यम से बाघ की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने दोहराया कि सर्दियों के मौसम में वन्यजीव अधिक आक्रामक हो जाते हैं, इसलिए ग्रामीण जंगल में प्रवेश न करें।
India Bharat News Latest Online Breaking News
