अल्मोड़ा: वन पंचायत संगठन ताकुला के एक शिष्टमंडल ने प्रभागीय वनाधिकारी, सिविल सोयम वन प्रभाग से मुलाकात कर वन पंचायत की समस्याओं पर चर्चा की। इस दौरान डीएफओ को छह सूत्रीय ज्ञापन सौंप समस्याओं का शीघ्र निदान करने की मांग उठाई।
वन पंचायत संगठन के संरक्षक व सामाजिक कार्यकर्ता ईश्वर जोशी ने बताया कि प्रभागीय वनाधिकारी से वन पंचायतों को अग्नि सुरक्षा के लिए आवश्यक धनराशि एवं उपकरण उपलब्ध कराने, सीजनल फायर वाचरों की नियुक्ति में वन पंचायतों को विश्वास में लेने, लीसा रॉयल्टी का पैसा अधिकतम 1 वर्ष के भीतर वन पंचायतों के खाते में डालने, पंचायती वनों से ठेकेदारों के माध्यम से उठाये जाने वाली गुल्ली, झूला इत्यादि एन.टी.एफ.पी. का भुगतान पूर्व की भांति वन पंचायत को माल निकासी से पूर्व करने तथा वन पंचायत से निकासी रिपोर्ट लिए जाने के बाद ही माल की निकासी किए जाने की मांग की गई।
इसके साथ ही माइक्रोप्लान निर्माण की प्रक्रिया सरल कर वन पंचायत द्वारा तैयार योजना को ही माइक्रो प्लान माने जाने, बिनसर अभयारण्य प्रभावित गांवों में जंगली जानवरों के आतंक से निजात दिलाने तथा बाहर से जानवर पकड़ कर बिनसर में छोड़ने पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाने की मांग की गई।
शिष्टमंडल द्वारा पिछले दिनों बिनसर जंगल में मिले बागेश्वर निवासी गोविंद लाल का नर कंकाल के मामले को वन विभाग में दर्ज कर परिजनों को मुआवजा दिए जाने की मांग की गई।
प्रभागीय वनाधिकारी ने समस्याओं के समाधान के लिए हर संभव प्रयास करने का आश्वासन दिया। कहा, बसौली ताकुला क्षेत्र में शीघ्र ही बंदर पकड़ने की कार्यवाही प्रारंभ की जाएगी। जल्द ही वें स्वयं बिनसर जाकर ग्रामीणों के साथ उनकी समस्याओं पर बैठक करेंगे।
शिष्टमंडल में वन पंचायत संगठन के अध्यक्ष सुंदर सिंह पिलख्वाल, सचिव पूरन सिंह, ईश्वर जोशी, किशोर तिवारी, डूंगर सिंह, बहादुर सिंह, गोकुल नगरकोटी, दिनेश पिलख्वाल, चंदन सिंह, गोविंद सिंह मेहरा, राजेंद्र सिंह आदि शामिल रहे।
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