इंडिया भारत न्यूज़ डेस्क (आईबीएन): रोडवेज प्रबंधन जर्जर और पुरानी बसों को सड़कों पर उतारकर यात्रियों की जान जोखिम में डाल रहा है। एक बार फिर रोडवेज बस के ब्रेक अचानक फेल हो गए, लेकिन चालक की सूझबूझ से दर्जनों यात्रियों की जान बच गई। बार-बार सामने आ रही इस तरह की घटनाओं के बाद रोडवेज बसों में यात्रा करने वाले यात्रियों में भय का माहौल है।
मामला चंपावत जिले के लोहाघाट का है। यात्रियों से भरी लोहाघाट डिपो की रोडवेज बस सोमवार को लोहाघाट से काशीपुर की ओर को रवाना हुई। महज 10 मीटर की दूरी तय करते ही अचानक बस के ब्रेक फेल हो गए।
बस के चालक नंदन सिंह फर्त्याल ने सूझ बूझ व हिम्मत का परिचय देते हुए बस को परिसर की रेलिंग तोड़ते हुए सामने दीवार से टकरा दिया। गनीमत रही उस समय एनएच में कोई वाहन व यात्री बस की चपेट में नहीं आया। जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
चालक नंदन सिंह फर्त्याल ने बताया वर्कशॉप में बस की जांच भी करवाई थी। जैसे ही वह बस को स्टार्ट कर काशीपुर की ओर को ले जाने लगे तो बस का प्रेशर लीक हो गया और बस के ब्रेक फेल हो गए। उन्होंने बताया बस में सवारियां पूरी तरह भरी हुई थी।
अचानक हुए हादसे से सवारियो में हड़कंप मच गया। घटना के दौरान बस राजमार्ग में तिरछी खड़ी हो गई। जिस कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह बाधित हो गया। यात्रियों को दूसरी बस में गंतव्य की ओर रवाना किया गया।
घटना को लेकर क्षेत्रीय लोगों में काफी नाराजगी है। लोगों ने कहा लोहाघाट डिपो को वर्तमान में 15 से 20 नई बसों की सख्त जरूरत है। लेकिन सरकार के द्वारा केवल दो बसें लोहाघाट डिपो को दी गई है। 33 बसो के बेड़े में से 11 बसे अपना समय पूरा कर चुकी है।
प्रबंधन द्वारा पुरानी व जर्जर बसों को सड़कों में दौड़ा कर यात्रियों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। लोगों ने बताया कुछ दिन पूर्व भी लोहाघाट से देहरादून जा रही रोडवेज बस में देहरादून में आग लग गई थी। किसी तरह यात्रियों व चालक परिचालक ने बस से कूद कर अपनी जान बचाई थी।
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