देहरादून। बहुचर्चित यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले में एसटीएफ को बड़ी कामयाबी मिली है। एसटीएफ ने पेपर लीक मामले में मुख्य अभियुक्त केंद्रपाल निवासी धामपुर को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में अब तक 24 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। एसटीएफ ने साक्ष्यों के आधार पर मुख्य अभियुक्त केंद्रपाल पुत्र भीम सिंह, निवासी टीचर कॉलोनी, धामपुर को आज शाम पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया है।
एसटीएफ ने बताया कि उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में धामपुर निवासी केंद्रपाल बड़ा पहुंचा हुआ नकल माफिया हैं। पेपर लीक धंधे में केंद्रपाल के् चर्चित हाकम सिंह, चंदन मनराल, जगदीश गोस्वामी और ललित के साथ गहरे संबंध थे। केंद्रपाल अपने विभिन्न संपर्क के माध्यम से पहले पेपर लीक करने की व्यवस्था था और फिर मोटी रकम वसूल कर अपने नेटवर्क से डील तय करता था।
केंद्रपाल ने इस अपराध से करोड़ों की संपत्ति अर्जित की। करीब 12 बीघा जमीन उसने धामपुर में ली और धामपुर में एक आलीशान मकान भी बनवाया। वह उत्तरकाशी के सांकरी में हाकम सिंह के साथ रिजार्ट में साझेदार भी है।
टेंपो चालक से बन गया करोड़पति
उत्तराखंड के हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर राजसी जीवन जीने वाला केंद्रपाल कभी टेंपो चलाता था। हाकम सिंह रावत की राह पर चलकर उसने भी पेपर बेचना शुरू किया और अकूत संपत्ति का मालिक बन बैठा। केंद्रपाल वर्ष 1996 में टेंपो चलाता था। इसके बाद कुछ वर्षों तक उसने रेडीमेड कपड़ों की दुकान पर और फिर कपड़ों की सप्लाई का काम किया। वर्ष 2011-2012 में वह प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल कराने वाले गिरोह से जुड़ गया।
जगदीश गोस्वामी से जागेश्वर मंदिर में हुई मुलाकात
केंद्रपाल के अल्मोड़ा निवासी शिक्षक जगदीश गोस्वामी से भी गहरे संबंध थे। जगदीश गोस्वामी को बीते दिनों एसटीएफ ने बागेश्वर से गिरफ्तार किया था। केंद्रपाल की मुलाकात आरोपित जगदीश गोस्वामी से वर्ष 2019 में ही जागेश्वर अल्मोड़ा में हुई थी। जगदीश गोस्वामी शिक्षक होने के साथ घरों और मंदिरों में पूजा-पाठ भी कराता था। इस बीच चारों आरोपितों की एक.दूसरे से अच्छी दोस्ती हो गई। इस पर चारों ने उत्तराखंड में निकलने वाली सरकारी भर्तियों का सौदा करना शुरू कर दिया।
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