-काल बनकर बरसी बारिश, किस्मत ने दिया तीसरे का साथ
इंडिया भारत न्यूज़ डेस्क: उत्तराखंड के टिहरी जिले में देर रात हुई बारिश काल बनकर बरसी। बारिश के रौद्र रूप ने एक परिवार के दो मासूमों की जिंदगी छीन ली। दीवार टूटने से घर में सो रहे दो भाई-बहन मलबे में जिंदा दफन हो गए। किस्मत ने तीसरे बच्चे का साथ न दिया होता तो वह भी मलबे के ढेर में दफन हो जाता।
नई टिहरी में ग्राम मरोड़ा में बीती रात बारिश से मकान की दीवार टूटने से दो बच्चों की मौत के बाद गांव में कोहराम मचा हुआ है। हादसे में मृतक स्नेहा (12) इंटर कॉलेज मरोड़ा में कक्षा 6 में पढ़ती थी और उसका छोटा भाई रणवीर (10) प्राथमिक विद्यालय मरोड़ा में कक्षा चार में पढ़ता था।
बच्चों के पिता प्रवीण दास गांव में खेती-बाड़ी और मजदूरी करते हैं। उनका एक और छोटा बेटा, जो रात को माता पिता के साथ सोया हुआ था। मृतक स्नेहा और रणवीर दादा प्रेमदास और दादी गंगा देवी के साथ दूसरे कमरे में सोए हुए थे। तेज बारिश की आवाज सुनकर दादा प्रेमदास बच्चों को जगाने के लिए जैसे ही उठे उसके कुछ देर बाद ही कमरे की दीवार टूट कर दोनों बच्चों के ऊपर गिर गई।
विधायक धनोल्टी प्रीतम सिंह पंवार व जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने ग्राम मरोड़ा का जायजा लिया और अतिवृष्टि, आपदा से प्रभावित परिवार से मिलकर सांत्वना दी। जनहानि पर 4-4 लाख के आर्थिक सहायता के चेक परिजनों को वितरित किए गए।
दूसरी तरफ रुद्रप्रयाग के गौरीकुंड में हुए हादसे में परिजन मलबे के ढेर में अपनों की तलाश कर रही हैं। यहां अभी भी 20 लोग लापता हैं। तबाही का यह मंजर देख हर किसी का कलेजा कांप उठा।
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