अल्मोड़ा। अल्मोड़ा समेत पूरे पर्वतीय क्षेत्र में फायर सीजन के दौरान जंगलों में लगने वाली आग की घटनाएं शासन प्रशासन व वन विभाग के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। जंगलों में आग की घटनाओं की रोकथाम के लिए हंस फाउंडेशन द्वारा वन विभाग के साथ मिलकर लगातार जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है।
सोमवार को जाखसौड़ा में वन रेंज गणनाथ व अल्मोड़ा के अंतर्गत चयनित ग्रामों के फायर फाइटर्स को वन अग्नि प्रबंधन एवं रोकथाम के लिए प्रशिक्षण दिया गया। एसडीआरएफ कर्मियों ने आग की घटनाओं के कारण और रोकथाम की जानकारी देते हुए स्वयं की सुरक्षा के उपाय बताये।
कार्यक्रम का संचालन कर ब्लाक समन्वयक अनीता कनवाल ने हंस फाउंडेशन द्वारा संचालित परियोजनाओं की जानकारी देते हुए फायर फाइटरों को दुर्घटना बीमा की जानकारी दी।
वन सरपंच दिनेश पिलख्वाल व देवेन्द्र सिंह ने वनों के महत्व और प्राकृतिक संसाधनों के महत्व एवं उनके संरक्षण पर विचार रखे।वन बीट अधिकारी मनोज कांडपाल ने वन प्रबंधन हेतु वन पंचायत नियमावली 2005, संसोधन 2012 व 2024 के संसोधन के बारे मे बताते हुए वन प्रबंधन के लिए वन सरपंचो के अधिकारों की जानकारी दी।
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