अल्मोड़ा। उत्तराखण्ड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ का जिला अधिवेशन यहां शक्ति सदन में आयोजित किया गया। इन दौरान जिला कार्यकारणी के साथ ही अल्मोड़ा व रानीखेत शाखा कार्यकारणी का गठन किया गया। अधिवेशन में कई संघ से जुड़ें कई इंजीनियर्स ने हिस्सा लिया।
इस दौरान इं. जीएस मेहरा को अध्यक्ष व ई. ललित मोहन बिष्ट को निर्विरोध सचिव चुने गए। वही, शारवा अल्मोड़ा में अध्यक्ष सूरज सिंह रावत व हितांशी नैनवाल सचिव चुनी गई।
शाखा रानीखेत में अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी शेखर पाण्डे एवं सचिव दिलशाद अली बनाये गए।
जिला और शाखा कार्यकारणी का चुनाव निर्वाचन अधिकारी हरीश बसेड़ा की देखरेख में सम्पन्न हुआ। अधिवेशन में मण्डल अध्यन इं. सुरेश डंगवाल, मण्डल सचिव इं. दीपक सिंह मटियाली, मण्डल उपाध्यक्ष (लोनिवि) ललित मोहन शर्मा एवं निर्वतमान जनपद सचिव इं. प्रफुल्ल जोशी ने शिरकत की।
यहां सहायक अभियंता ई. आलोक कुमार ओली, अपर सहायक अभियंता ई. प्रदीप जोशी समेत कई इंजीनियर्स मौजूद रहे।
ये हैं मांगे-
1. जनवरी 2014 के बाद नियुक्त अभियन्ताओं को प्रथम वित्तीय स्तरोन्नयन के रूप में 10 वर्ष की सेवा के पश्चात 5400 ग्रेड पे पूर्व की भांति ही प्रदान किया जाये।
2. वर्ष 2005 के बाद नियुक्त समस्त कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाल की जाये।
3. विभागों में मेट, बेलदार, वर्क सुपरवाईजरों की नियमित नियुक्ति की जाए।
4. डिप्लोमा को 10+2 के समान माने जाने के शासनादेश का विरोध किया जाये।
5. बायोमेट्रिक में फील्ड कर्मचारियों को छूट प्रदान की जाए।
6. सभी आभियांत्रिकी विभागों में एक समान सेवा नियमावली का गठन किया जाए।
7. महासंघ के अन्तर्गत अवशेष समस्त आभियांत्रिकी विभागों का राजकीयकरण किया जाए व समस्त शासनादेश को समान रूप से लागू किया जाये।
8. ऊर्जा निगम की भांति समस्त अभियन्त्रण विभागों में ए०सी०पी० का लाभ 10 वर्ष, 20 वर्ष, 30 वर्ष के स्थान पर 9,14,19 वर्ष में दिया जाये।
9. डिप्लोमा इंजीनियर्स के लिए अधिशासी अभियन्ता एवं अधीक्षण अभियन्ता पद पर पदोन्नति के लिये सैपरेट गैलरी की मांग की जाये।
10. नवनियुक्त कनिष्ठ अभियन्ताओं का विभागीय प्रशिक्षण ससमय करवाया जाए।
11. कार्यों में राजनितिक एवं प्रशासनिक हस्तक्षेप का विरोध किया जाये।
12. विभाग में कार्यरत अपर सहायक अभियन्ता, कनिष्ठ अभियन्ताओं को मोबाईल, कम्प्यूटर भत्ता दिये जाने की मांग।
13. अपर सहायक अभियन्ता पद के राजपत्रित होने का स्पष्ट शासनादेश किया जाये।
14. अभियन्त्रण विभागों में कार्यरत सहायक अभियन्ता, अपर सहायक अभियन्ता, कनिष्ठ अभियन्ताओं का दूरस्थ व विषम कार्यक्षेत्र होने तथा सुरक्षा के दृष्टिगत पीआरडी जवानों की नियुक्ति किये जाने की मांग हो।
15. अभियन्ताओं का विषम कार्यक्षेत्र होने के कारण राजकीय वाहन की उपलब्धता करवाई जाये या वाहन भत्ते को पुनरीक्षित किया जाये।
16. SGHS के अन्तर्गत बनाये गये गोल्डन कार्ड की विसंगतियों को दूर किया जाए।
17. स्थानान्तरण एक्ट में पारदर्शिता अपनायी जाए।
18. आपदा, सीएम हैल्पलाइन एवं अन्य आकस्मिक किये जाने वाले कार्यो के लिए सभी विभागों में आ रही शिकायतों के निस्तारण हेतु आने वाले व्यय, मरम्मत कार्य हेतु अलग विभागीय फंड की व्यवस्था की जाये।
India Bharat News Latest Online Breaking News