अल्मोड़ा: उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी (उपपा) ने कहा हल्द्वानी की गल्ला मंडी में दिनदहाड़े एक 22 वर्षीय युवती और 30 वर्षीय युवक की सिर कुचलकर की गई निर्मम हत्या ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। यह कोई साधारण आपराधिक घटना नहीं, बल्कि उत्तराखंड में तेजी से बिगड़ती कानून व्यवस्था का भयावह संकेत है।
उपपा अध्यक्ष पी.सी. तिवारी ने कहा कि जिस प्रकार पत्थरों से सिर कुचलकर हत्या की गई, उससे स्पष्ट है कि अपराधियों के मन में कानून का कोई भय नहीं बचा है। राज्य में अपराधियों का मनोबल बढ़ा है और पुलिस तंत्र की पकड़ कमजोर हुई है।
पिछले कुछ महीनों में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों, देहरादून, विकासनगर, हल्द्वानी और अन्य नगरों में हत्या, महिला उत्पीड़न और संगठित हिंसा की घटनाएँ लगातार सामने आई हैं। कहीं युवती की निर्मम हत्या, कहीं आपसी रंजिश में युवक की जान लेना, तो कहीं सार्वजनिक स्थानों पर हिंसक वारदात ये सब दर्शाता है कि अपराध अब अपवाद नहीं, बल्कि एक चिंताजनक प्रवृत्ति बनता जा रहा है।
तिवारी ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता कानून व्यवस्था सुधारने की बजाय छवि निर्माण और प्रचार तक सीमित दिखाई देती है। हर घटना के बाद औपचारिक बयान और उच्चस्तरीय जांच की घोषणा कर देना पर्याप्त नहीं है। जनता को ठोस सुरक्षा व्यवस्था चाहिए, न कि आश्वासन।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्यों महिलाओं और युवाओं के विरुद्ध अपराधों में लगातार वृद्धि हो रही है? तिवारी ने कहा कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो उत्तराखंड की शांतिप्रिय पहचान को गहरी क्षति पहुंचेगी। जनता भय और असुरक्षा के वातावरण में जीने को विवश हो रही है।
उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था राज्य सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है, और इस जिम्मेदारी से पलायन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा।
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