अल्मोड़ा: बनभूलपुरा हल्द्वानी में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 50 हज़ार लोगों के विस्थापन की प्रक्रिया व हाइकोर्ट के अतिक्रमण हटाने के फैसले पर रोक लगाने का उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने स्वागत किया है और उम्मीद की है कि सर्वोच्च न्यायालय में लोगों के साथ न्याय होगा।
उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पी.सी तिवारी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार को नीतिगत तौर पर बिना पुनर्वास की व्यवस्था किए कहीं भी लोगों को हटाने पर रोक लगाने का फैसला करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की बहुत बड़ी जमीनों पर भू माफियाओं व प्रभावशाली लोगों के कब्जे हैं जिनको सरकारों व प्रशासन का सहारा मिलता रहा है। सरकार को ऐसी जमीनों को तत्काल सरकार के पक्ष में जब्त करना चाहिए।
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उपपा अध्यक्ष ने कहा कि यह देखा जा रहा है कि सरकार की न्यायालयों में लचर पैरवी एवं प्रभावशाली, पूंजीपतियों, माफियाओं को संरक्षण देने के चलते गरीब व मेहनतकश आम लोगों के पास आवास व जीवन यापन के संसाधन बहुत कम हो गए हैं। उन पर भी किसी तरह कब्ज़ा जमाने के लिए पूंजीपतियों और माफियाओं की नज़र टिकी हुई है। इसलिए सरकारों को शहरी क्षेत्रों में अधिकतम संपत्ति रखने की सीमा तय करने पर विचार करना चाहिए।
उपपा अध्यक्ष ने कहा कि उत्तराखंड के बहुत बड़े भाग को जिसे नजूल कहा जाता है लाखों लोग रह रहे हैं उनके बारे में सरकार को उनकी समस्या के समाधान के लिए कोई स्थाई नीति बनानी चाहिए।
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