अल्मोड़ा: हवालबाग विकास खंड के ढटवाल गांव में ट्रांसफॉर्मर में स्पार्किंग होने व बिजली के तार टूटने से ग्रामीणों के एक दर्जन घास के लूटे जलकर राख हो गए। घटनास्थल से महज 10 मीटर की दूरी पर आवासीय भवन है। गनीमत रही कि आग आवासीय क्षेत्र में नहीं फैली। और एक बड़ा हादसा होने से टल गया। इस घटना के बाद ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने ऊर्जा विभाग से मुआवजा देने की मांग की है।
घटना सोमवार दोपहर करीब 12:30 बजे की है। ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, ढटवाल गांव निवासी शांति देवी पत्नी दिवान सिंह के आवासीय भवन से कुछ ही दूरी पर ट्रांसफार्मर व बिजली के तारों में स्पार्किंग हुई। जिससे बिजली के दोनों तार टूट कर घास के लूटों पर गिरे। तारों के आपस में टकराने से निकली चिंगारी से आग लग गई।
इसी दौरान किसी ग्रामीण की नजर आग पर गई। ग्रामीण के शोर करने पर अन्य ग्रामीण वहां एकत्रित हुए। तब तक आग घास के कई लूटों को अपनी चपेट में ले चुकी थी। ग्रामीणों ने आग बुझाने का भरसक प्रयास किया। लेकिन वह इसमें कामयाब नहीं हो पाए। देखते ही देखते घास के सभी लूटे जलकर राख में तब्दील हो गए।
शांति देवी ने बताया कि आग लगने से उनके 6 घास के लूटे जल गए है। साथ ही गोपाल सिंह बिष्ट के भी 5 लूटे जलकर राख हो गए। उन्होंने बताया कि पशुपालन ही उनकी आर्थिकी का एकमात्र आधार है। सीजन भर के लिए उन्होंने घास एकत्रित की थी। इस घटना के बाद उनके सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने ऊर्जा विभाग से उचित मुआवजा देने की मांग की है।
शांति देवी ने बताया कि पहले भी इसी जगह कई बार ट्रांसफॉर्मर में ब्लास्ट व स्पार्किंग होने से आग की घटना हो चुकी है। तब उनके कई घास के लूटों में आग लग गई थी। ट्रांसफॉर्मर से कुछ ही दूरी पर आवासीय भवन है। हर साल हो रही घटनाओं से वह लोग डरे सहमे हुए है। उन्हें आवासीय भवनों में आग लगने का डर सता रहा है। उन्होंने विभाग से मामले का संज्ञान लेकर ट्रांसफॉर्मर को अन्यत्र शिफ्ट करने की मांग की है।
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