अल्मोड़ा। सरकारी स्कूलों में मिड डे मील योजना के तहत छात्र छात्राओं को दिए जाने वाले फोर्टिफाइड दूध की आपूर्ति में सामने आई लापरवाही मामले का जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने संज्ञान लिया हैं। मामला गंभीर व नौनिहालों के सेहत से जुड़ा होने के चलते डीएम ने एसडीएम सदर के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है।
गौरतलब है कि ‘इंडिया भारत न्यूज’ ने गत 23 अक्टूबर को इस घोर लापरवाही के खिलाफ प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। इसके बाद शिक्षा विभाग व दुग्ध संघ के अधिकारियों द्वारा मामले में जांच की बात कही गई थी। अब डीएम अंशुल सिंह ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच कमेटी गठित कर दी हैं।
एसडीएम सदर संजय कुमार के नेतृत्व में बनाई गई तीन सदस्यीय कमेटी में जिला खाद्य अधिकारी एवं जिला पूर्ति अधिकारी को सदस्य नामित किया गया हैं। डीएम अंशुल सिंह ने कहा कि फेडरेशन द्वारा दूध के पैकेटों में प्रिंटिंग की गलती होना बताया गया है। लेकिन प्रशासन द्वारा इसमें कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। समिति सदस्यों द्वारा पैकेटों से दूग्ध चूर्ण का सैंपल लिया जाएगा। जिसे जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। डीएम ने कहा कि वें इस मामले में उत्तराखंड सहकारी डेरी फेडरेशन लि. (यूसीडीएफ) से बात भी करेंगे।
यह है मामला
अल्मोड़ा। मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना के तहत आंगनबाड़ी और कक्षा एक से आठवीं तक के स्कूलों में बच्चों को फोर्टिफाइड दूध पिलाया जाता है। उत्तराखंड कोआपरेटिव डेरी फेडरेशन इस दूध को निर्मित कराकर दुग्ध संघ को वितरण के लिए उपलब्ध कराती है। करीब दो सप्ताह पहले हवालबाग विकासखंड के जूड़ कफून, खत्याड़ी, स्यालीधार समेत अन्य संकुल केंद्रों में दूध के पैकेट उपलब्ध कराए गए थे। अधिकांश पैकेटों में उत्पादन तिथि व यूज बाय डेट स्पष्ट नहीं छपी है। जिस पर यूसीडीएफ प्रिंटिंग सही न होने की सफाई दे रहा है। लेकिन अभिभावकों व शिक्षकों द्वारा दूध के एक्सपायरी होने की आशंका जताई गई है। इससे अभिभावक व शिक्षक चिंतित भी है।
मामला नौनिहालों के सेहत से जुड़ा है। प्रशासन द्वारा इसमें कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। जांच कमेटी गठित कर दी गई है। जो पूरे मामले की जांच करेगी। इस मामले में यूसीडीएफ से बात की जाएगी।
-अंशुल सिंह, जिलाधिकारी अल्मोड़ा।
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