द्वाराहाट (अल्मोड़ा): बिपिन त्रिपाठी कुमाऊँ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बीटीकेआईटी) में तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने तथा शिक्षण–अधिगम प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से “इंस्ट्रक्शनल प्लानिंग एंड डिलीवरी” विषय पर फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल टीचर्स ट्रेनिंग एंड रिसर्च (एनआईटीटीटीआर), चंडीगढ़ के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. आरके सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में तकनीकी शिक्षा केवल विषय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रभावी शिक्षण योजना, नवाचारपूर्ण अध्यापन विधियाँ, विद्यार्थी मनोविज्ञान की समझ और आधुनिक मूल्यांकन तकनीकों को अपनाना भी आवश्यक हो गया है। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे शिक्षण को रोचक, सहभागी और परिणामोन्मुख बनाने के लिए सक्रिय अधिगम पद्धतियों का उपयोग करें।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए निदेशक, बीटीकेआईटी प्रो. संतोष कुमार हम्पन्नावर ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम संकाय सदस्यों के व्यावसायिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने संस्थान की ओर से गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा के लिए निरंतर शैक्षणिक प्रयास जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. आरके भारती, डीन एकेडमिक, बीटीकेआईटी ने कार्यक्रम की पृष्ठभूमि और उद्देश्यों की जानकारी दी। एनआईटीटीटीआर, चंडीगढ़ से आए विशेषज्ञों की टीम का नेतृत्व प्रो. एबी गुप्ता, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, शिक्षा एवं शैक्षिक प्रबंधन विभाग द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह प्रशिक्षण शिक्षकों को प्रभावी अध्यापन हेतु आवश्यक पैडागॉजिकल कंटेंट नॉलेज से सशक्त करेगा।
उद्घाटन सत्र का संचालन डॉ. श्वेता रावत ने किया। कार्यक्रम में बीटीकेआईटी के विभिन्न विभागों के संकाय सदस्य उपस्थित रहे। प्रतिभागियों में प्रशिक्षण को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। आगामी दिनों में यह कार्यक्रम शिक्षकों के शिक्षण कौशल को सुदृढ़ करने और संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता को नई दिशा देने में सहायक सिद्ध होगा।
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