अल्मोड़ा: उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ ने 27 सूत्री समस्याओं का हल न होने पर गहरा रोष व्यक्त किया है। महासंघ का कहना है कि यदि सरकार ने शीघ्र समस्याओं का समाधान नहीं किया तो इंजीनियर्स हड़ताल पर चले जाएंगे।
शाखा अध्यक्ष सूरज सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई बैठक में इंजीनियर्स ने सरकार पर मांगों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। उन्होंने सेवाकाल के दौरान न्यूनतम तीन पदोन्नतियां देने अथवा पहले की तरह 10, 16 व 26 वर्ष में पदोन्नति के वेतनमान को एसीपी के रूप में प्रदान करने की मांग की। सदस्यों ने पुरानी पेंशन बहाली पर जोर दिया।
बैठक में उत्तराखंड जल संस्थान और उत्तराखंड पेयजल निगम के एकीकरण व राजकीयकरण कराने व अति दुर्गम क्षेत्रों में विषम भौगोलिक स्थितियों में काम कर रहे अभियंताओं के लिए सामूहिक बीमा योजना लागू कराने की भी मांग की।
सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि प्रस्तावित आंदोलन को अल्मोड़ा शाखा द्वारा पूर्ण समर्थन दिया जाएगा। तय किया गया कि मांगें पूरी न होने की स्थिति में चरणबद्ध आंदोलन को तीव्र किया जाएगा। संचालन इं. हिताशी नैनवाल ने किया।
बैठक में मंडल सचिव दीपक सिंह मटियाली, जनपद अध्यक्ष जीएस मेहरा, सचिव ललित मोहन बिष्ट, हिमांशु जोशी, रिनी पांडेय, जीवेश वर्मा, मनीष कुमार, प्रफुल कुमार जोशी, अंकित सिंह, कमलेश तिलारा, हर्षिता सुयाल, जतिन शर्मा समेत अन्य इंजीनियर्स मौजूद रहे।
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