अल्मोड़ा: जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने शुक्रवार को चौखुटिया एवं तड़ागताल क्षेत्र का भ्रमण एवं निरीक्षण किया। इस दौरान तड़ागताल क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किए जाने की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार किया गया।
इन मौके पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने डीएम से कहा कि तड़ागताल को झील के रूप में विकसित करने से न केवल क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर पेयजल की समस्या के समाधान की दिशा में भी ठोस पहल संभव होगी।
डीएम ने तड़ागताल में निर्माणाधीन सड़क कार्य का स्थलीय निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को गुणवत्ता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों द्वारा डीएम को क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया गया, जिनमें आबादी के बीच स्थित बिजली के खंभों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किए जाने की मांग प्रमुख रही। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभाग को त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए।
डीएम ने ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद स्थापित किया तथा उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों को त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान जिलाधिकारी ने माता अगनेरी देवी मंदिर में दर्शन किए। मंदिर परिसर का भ्रमण कर अधिकारियों को मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
इसके बाद डीएम सिंह ने चौखुटिया में अगनेरी एवं बाखली खेल मैदान का निरीक्षण किया तथा खिलाड़ियों से संवाद किया। चौखुटिया में एक खेल मैदान को सुविधा युक्त मिनी स्टेडियम के रूप में विकसित किए जाने की संभावनाओं पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि खेल एवं पर्यटन सुविधाएं एक-दूसरे की पूरक हैं। इन दोनों क्षेत्रों के समन्वित विकास से स्थानीय युवाओं को अवसर प्राप्त होंगे तथा क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी सुदृढ़ आधार मिलेगा।
निरीक्षण के दौरान ब्लॉक प्रमुख चेतना नेगी, एसडीएम सुनील कुमार, बीडीओ ममता कार्की, गेवाड विकास समिति के अध्यक्ष गजेन्द्र सिह नेगी सहित स्थानीय कई जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण मौजूद रहे।
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