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9.32 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में पहुंची PM-KISAN योजना की 22 वीं किस्त, VPKAS हवालबाग में हुआ भव्य कार्यक्रम

 

अल्मोड़ा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना की 22 वीं किस्त जारी किए जाने के अवसर पर विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, हवालबाग में कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ ‘वन्दे मातरम्’ एवं ‘परिषद गीत’ के साथ उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। इसके बाद तकनीकी सत्र एवं कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया।

 

कार्यक्रम में संस्थान के वैज्ञानिकों द्वारा कृषकों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि प्रणालियों की सूक्ष्म एवं विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इस सत्र के दौरान डॉ. अनुराधा भारतीय द्वारा ‘दलहन मिशन’, डॉ. बृज मोहन पांडेय द्वारा ‘प्राकृतिक कृषि’ तथा डॉ. निर्मल कुमार हेडाऊ द्वारा ‘डिजिटल कृषि मिशन’ जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी व्याख्यान प्रस्तुत किए गए।

 

तकनीकी चर्चा के बाद प्रधानमंत्री द्वारा देश के 9 करोड़ 32 लाख से भी अधिक अन्नदाताओं के बैंक खातों में सीधे धनराशि हस्तांतरित करने वाले ऐतिहासिक राष्ट्रीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण मौजूद लोगों द्वारा देखा गया।

 

कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. बृज मोहन पाण्डेय ने किसानों से इस जनकल्याणकारी योजना का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया तथा संस्थान द्वारा विकसित किए जा रहे नवीन नवाचारों, उन्नत बीजों और प्रक्षेत्र आधारित तकनीकी प्रसार के माध्यम से सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों के कृषकों की आय में निरंतर वृद्धि करने के प्रति संस्थान की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराया।

 

मुख्य अतिथि महापौर अजय वर्मा जी संस्थांन को बधाई देते हुए कहा कि यह संस्थान किसानों की प्रगति के लिए सतत प्रयासरत है तथा समय-समय पर कृषि में नए अनुसंधानों से कृषकों को अवगत कराते हुए उनकी आय वृद्धि का माध्यम रहा है। उन्होंने कहा कि यह योजना देश के करोड़ों अन्नदाताओं के लिए एक सुदृढ़ आर्थिक संबल सिद्ध हुई है, जो उन्हें समय पर बीज, उर्वरक और अन्य आवश्यक कृषि निवेश जुटाने में पूर्णतः स्वावलंबी बनाती है।

 

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि संजय नेगी ने संस्थान की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान पर्वतीय कृषि की उन्नति और किसानों की प्रगति के लिए निरंतर समर्पित भाव से प्रयासरत है।

 

इस अवसर पर संस्थान के निदेशक डॉ. लक्ष्मी कांत के साथ ही सभी वैज्ञानिक, अधिकारी, कार्मिकों तथा अन्नदाताओं सहित अन्य प्रतिभागी मौजूद रहे। संचालन प्रभागाध्यक्ष, फसल उत्पादन समन्वयन डॉ. बृज मोहन पाण्डेय ने किया। धन्यवाद प्रस्ताव प्रभागाध्यक्ष, फसल सुरक्षा डॉ. कृष्ण कान्त मिश्रा द्वारा ज्ञापित किया गया।

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