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प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर ब्लॉक अध्यक्षों ने जताई आपत्ति, दी यह चेतावनी

 

अल्मोड़ा: प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर कई विकासखंडों के ब्लॉक अध्यक्षों ने आपत्ति जताई है। हवालबाग, द्वाराहाट, चौखुटिया और सोमेश्वर के प्रधान संगठन अध्यक्षों ने गुरुवार को जिला पंचायत सभागार में आयोजित चुनाव प्रक्रिया को अलोकतांत्रिक बताया है।

ब्लॉक अध्यक्षों ने संयुक्त रूप से प्रेस को जारी बयान में कहा कि बिना उन्हें पूर्व सूचना दिए चुनाव कराया गया है। जो न केवल अनुचित है, बल्कि संगठनात्मक प्रक्रिया के भी विपरीत है।

प्रधान संगठन हवालबाग के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह नयाल ने आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ लोगों द्वारा व्यक्तिगत राजनीतिक लाभ के लिए इस प्रकार की प्रक्रिया अपनाई जा रही है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि जिलाध्यक्ष के चुनाव के लिए सभी विकासखंडों के अध्यक्षों एवं प्रतिनिधियों को पूर्व सूचना देना तथा कोरम का पूरा होना अनिवार्य होता है।

उन्होंने कहा कि निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना चुनाव कराना हार के भय को दर्शाता है और यह स्वयंभू तरीके से जिलाध्यक्ष बनने जैसा प्रतीत होता है। चुनाव की एक स्पष्ट प्रक्रिया होती है, जिसके तहत पूर्व बैठक कर रूपरेखा तय की जाती है और सभी संबंधित पदाधिकारियों को समय से सूचना दी जाती है।

देवेंद्र सिंह नयाल ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस चुनाव को निरस्त कर सभी प्रधान संगठनों को विश्वास में लेकर पुनः निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार चुनाव नहीं कराया गया, तो जिन संगठनों को सूचना नहीं दी गई वे अलग संगठन बनाने को बाध्य होंगे, जिससे जनपद में विभाजन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

प्रधान संगठन द्वाराहाट के अध्यक्ष किशन कुवार्बी ने कहा कि चुनाव कराए जाने से पूर्व सभी ब्लॉक अध्यक्षों को विश्वास में लेना आवश्यक था और इस प्रकार की प्रक्रिया को उन्होंने अनैतिक बताया। वहीं चौखुटिया के अध्यक्ष भूपेंद्र बोरा ने कहा कि उन्हें कार्यक्रम की कोई सूचना नहीं दी गई, जो पूरी तरह अनुचित है।

प्रधान संगठन सोमेश्वर के अध्यक्ष उमेश मेहरा ने कहा कि चुनाव एक सामूहिक और पारदर्शी प्रक्रिया होती है, जिसमें सभी संबंधित प्रतिनिधियों की भागीदारी आवश्यक है। बिना सभी को विश्वास में लिए आयोजित प्रक्रिया को चुनाव नहीं माना जा सकता। सभी ब्लॉक अध्यक्षों ने एक स्वर में इस एकतरफा चुनाव प्रक्रिया का विरोध करते हुए इसे संगठन की एकता और पारदर्शिता के लिए हानिकारक बताया है।

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