अल्मोड़ा। नदी में नहाने के शौक के चलते कई लोग अपनी जान गंवा रहे है। रविवार को सुयाल नदी में हुए दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया। दो युवकों की मौत की सूचना नगर में आग की तरह फैल गई। सुयाल नदी में हुए हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भी हड़कंप मच पड़ा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से सुयाल नदी के खतरनाक स्थानों पर आवाजाही प्रतिबंधित करने की मांग की है।
दरअसल, तैराकी नहीं आने व नदी में गहराई व भंवर का अंदाजा नहीं होने से कई लोग अपनी जिंदगी से हाथ धो बैठते है। गर्मियों के सीजन में नदी में डूबने की घटनाएं बढ़ जाती है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों का कहना है कि गर्मियों के सीजन में कई लोग सुयाल नदी का रूख करते है। जिससे हर समय अनहोनी का डर बना रहता है।
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ग्राम प्रधान बख देवेंद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि सुयाल नदी में रविवार को हुए हादसे से जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन को सबक लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले भी इस तरह की घटनाएं क्षेत्र में हो चुकी है। उन्होंने जिला प्रशासन से सुयाल नदी में खतरनाक क्षेत्रों पर आवाजाही प्रतिबंधित करने की मांग की है। साथ ही पुलिस प्रशासन से नियमित गश्त की मांग की है। ताकि भविष्य में क्षेत्र में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो सके।
मामले में कोतवाल राजेश कुमार यादव ने बताया कि नदी में डूबने की घटनाओं की रोकथाम के लिए जल्द ही स्थानीय ग्रामीणों के साथ बैठक कर वार्ता की जाएगी। साथ ही सुयाल नदी में डूबने से दो युवकों की मौत मामले की जांच की जा रही है।
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