अल्मोड़ा। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के पहले चरण के मतदान से पहले खराब मौसम ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। अगर तेज बारिश हुई तो मतदाताओं खासतौर पर बुजुर्गों को मतदान केंद्रों तक पहुंचने में ज्यादा दिक्कत होगी। बारिश की आशंका और कई गांवों के खराब रास्ते मतदान प्रतिशत घटा सकते हैं।
भैंसियाछाना ब्लाक में बुधवार को भारी बारिश के बीच मतदान कर्मी पोलिंग बूथों के लिए रवाना हुए। मंगलवार रात भर हुई भारी बारिश से कसाणबैंड के पास मलबा आने से सड़क दो जगह बंद हो गई। भारी बारिश तथा सड़क में मलबा आने से कई मतदान कर्मियों को ब्लॉक मुख्यालय पहुंचने तक भारी फजीहत झेलनी पड़ी। दोनों तरफ यात्रियों के अलावा मतदान कर्मी भी फंसे रहे। दोपहर करीब 12 बजे बाद सड़क सुचारू हो पाई।
नाम न लिखने की शर्त पर महिला मतदान कर्मियों ने बताया कि निर्वाचन आयोग द्वारा पांच किमी के दायरे में ड्यूटी लगाई जाने का आदेश हुआ था जबकि उन्हें 40 से 50 किलोमीटर दूर भेजा जा रहा है। मतदान स्थल पर उनके ठहरने की कोई व्यवस्था नहीं है। रात में ठहरने के लिए महिला कर्मी इधर-उधर प्रयास करती रही। कई पोलिंग पार्टियों को दो से छह किलोमीटर पैदल चलकर मतदान स्थल तक पहुंचना पड़ा। इन पार्टियों को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए घोड़े खच्चर का सहारा लेना पड़ा। रिटर्निंग ऑफिसर संजय काला ने बताया कि सभी पोलिंग पार्टियां अपने-अपने गंतव्य तक पहुंच गई है।
जिला निर्वाचन अधिकारी आलोक कुमार पांडेय ने बताया कि मलबा अधिक मात्रा में आाया था। एक जेसीबी मशीन खराब हो गई थी जिसके बाद आरतोला से दूसरी जेसीबी मशीन मौके पर भेजी गई। उन्होंने बताया कि महिला कर्मियों की पांच किमी के दायरे में डयूटी लगाने का ऐसा कोई आदेश आयोग की ओर से नहीं है। पोस्टिंग वाले विकासखंडों में ही उनकी चुनाव डयूटी लगाने को प्राथमिकता देने के निर्देश है। महिला कर्मी पोलिंग बूथ से नजदीक अपने निवास पर या फिर अपनी सुविधानुसार कहीं और ठहर सकते है।
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