अल्मोड़ा। ताकुला विकासखंड के राइंका भकुना में वन्य जीव सुरक्षा सप्ताह के अवसर पर वन विभाग एवं हंस फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में वन्य जीव और पर्यावरण विषय पर निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई। जिसमें छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को वन विभाग की ओर से पुरस्कार प्रदान किए गए।
हंस फाउंडेशन की ब्लॉक समन्वयक अनीता कनवाल ने विद्यार्थियों को वन्य जीव और पर्यावरण के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वन्य जीव हमारे पर्यावरण का अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। जंगलों, नदियों, पहाड़ों और झीलों में पाए जाने वाले पशु-पक्षी, कीट-पतंगे एवं सूक्ष्म जीव मिलकर प्रकृति के संतुलन को बनाए रखते हैं। उन्होंने कहा कि प्रकृति में प्रत्येक जीव का एक विशेष कार्य होता है, जो पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में सहायक है।
वन विभाग की वन आरक्षी आयशा ने वन्य जीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि वन्य जीव और पर्यावरण का संतुलन ही पृथ्वी पर जीवन की नींव है। उन्होंने बताया कि सभी जीव-जंतु एक खाद्य श्रृंखला (Food Chain) से जुड़े होते हैं और हर जीव का एक अलग महत्व होता है। यदि इस श्रृंखला का कोई भी हिस्सा नष्ट हो जाए, तो पूरा पारिस्थितिक तंत्र असंतुलित हो सकता है। इसलिए सभी को प्रकृति और जीव-जंतुओं की रक्षा के लिए जागरूक होना चाहिए।
प्रधानाचार्य दीपक वर्मा ने कार्यक्रम की सराहना की। कार्यक्रम में वन बीट अधिकारी मनोज कांडपाल, वन आरक्षी साधना, हेमलता लस्पाल, निम्मी बिष्ट, बिना धीमान, अनिल डेविड आदि मौजूद रहें।
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