द्वाराहाट (अल्मोड़ा): उत्तराखंड की सांस्कृतिक और धार्मिक आस्था की प्रतीक गोल्ज्यू संदेश यात्रा आगामी 6 मई को द्वाराहाट के प्रसिद्ध उदयपुर मंदिर पहुंचेगी। यात्रा अपने निर्धारित मार्ग से होते हुए सोमेश्वर, बिंता तक पहुंचेगी, जहां से श्रद्धालु लगभग तीन किलोमीटर पैदल चलकर उदयपुर मंदिर पहुंचेंगे।
मंदिर में विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना के पश्चात यात्रा बग्वालीपोखर होते हुए मल्ली मिरई स्थित गोल्ज्यू मंदिर पहुंचेगी। इसके बाद यात्रा इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर स्थित सरस्वती मंदिर में पहुंचेगी। इसके बाद यात्रा का बद्रीनाथ रोड स्थित घटगाड़ तिराहे पर पहुंचने पर भव्य स्वागत किया जाएगा। यहां से नगाड़े-निशानों के साथ यात्रा मृत्युंजय मंदिर, मुख्य बाजार स्थित देवी मंदिर, हनुमान मंदिर होते हुए कालीखोली स्थित गोल्ज्यू मंदिर एवं हरज्यू की धूणी में पहुंचेगी।
कालीखोली में गोल्ज्यू देवता के अवतरण के साथ श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्राप्त होगा। इसके बाद यात्रा रानीखेत होते हुए ताड़ीखेत गोल्ज्यू मंदिर पहुंचेगी, जहां पूजा-अर्चना के बाद चमड़खान गोल्ज्यू मंदिर में रात्रि विश्राम और देव अवतरण कार्यक्रम आयोजित होगा। 7 मई को यात्रा हल्द्वानी के लिए प्रस्थान करेगी।
अपनी धरोहर न्यास के प्रदेश मंत्री संजू मठपाल ने बताया कि यह यात्रा चंपावत स्थित गोल्ज्यू मंदिर से प्रारंभ होकर पूरे प्रदेश में लगभग 3500 किलोमीटर की यात्रा तय करेगी। विभिन्न पौराणिक गोल्ज्यू मंदिरों और धार्मिक स्थलों से होते हुए यह यात्रा 9 मई को चंपावत में ही संपन्न होगी।
उन्होंने बताया कि यात्रा का मुख्य उद्देश्य प्रदेश को सांस्कृतिक रूप से एक सूत्र में पिरोना, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना और गोल्ज्यू सर्किट की परिकल्पना को साकार करना है।
द्वाराहाट में यात्रा के भव्य स्वागत की तैयारियां जोरों पर हैं। यहाँ गोल्ज्यू यात्रा के पोस्टर का विमोचन भी किया गया। मठपाल ने सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से इस ऐतिहासिक यात्रा में सहभागिता की अपील की है।
तैयारी बैठक में मुकुल चौधरी, सुधीर साह, गगनदीप वर्मा, नारायण पांडेय, भवानी शंकर, सुरेश साह, धीरेन्द्र मठपाल, भूपेंद्र कांडपाल आदि मौजूद रहे।
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