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Narges Mohammadi, p.s- social media
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Nobel Prize 2023: महिलाओं के हक के लिए लड़ने वाली नरगिस मोहम्‍मदी ने बरसों झेलीं यातना, अब मिला शांति का नोबेल

इंडिया भारत न्यूज डेस्क: ईरान में महिलाओं के दमन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करने वाली मानवाधिकार कार्यकर्ता न‍रगिस मोहम्‍मदी (Narges Mohammadi) को नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। नरगिस मोहम्मदी ने लंबे समय से महिलाओं की आजादी और उनके हक के लिए आवाज उठाई है। उन्होंने ईरान में महिलाओं के उत्पीड़न के खिलाफ लंबे समय तक लड़ाई लड़ी है।

नॉर्वे नोबेल समिति के अध्यक्ष बेरिट रीस-एंडरसन ने शुक्रवार को ओस्लो में पुरस्कार का एलान किया। नोबेल पुरस्कार में 1.1 करोड़ स्वीडिश क्रोनर, जो 10 लाख अमेरिकी डॉलर के बराबर है, का नकद पुरस्कार दिया जाता है। दिसंबर में एक सेरेमनी में नोबेल पुरस्कार विजेताओं को गोल्ड मेडल और डिप्लोमा दिया जाएगा।

कौन हैं नरगिस मोहम्मदी?

नरगिस मोहम्मदी, यह कोई नाम नहीं बल्कि मानवता, सांत्वना और मजबूत नेतृत्व की पर्याय हैं। महिलाओं को सशक्त करने और उनके अधिकारों के लिए मजबूती से लड़ती रही हैं। इस दौरान कई बार उन्हें भी जुल्म और अत्याचार का सामना करना पड़ा है। नरगिस मोहम्मदी को 2021 में हिरासत में लिया गया था, जब उन्होंने गैसोलीन की कीमतों में वृद्धि के कारण 2019 में देशव्यापी विरोध प्रदर्शन में मारे गए एक व्यक्ति के स्मारक में जाने की कोशिश की थी। उन्हें अब तक ईरान में 13 बार गिरफ्तार किया जा चुका है, फिलहाल वह जेल में बंद हैं।

नरगिस का जन्म कुर्दिस्तान ईरान के जंजन शहर में 21 अप्रैल 1972 में हुआ था। नोबेल प्राइज की वेबसाइट के मुताबिक, नरगिस मोहम्मदी ईरानी मानवाधिकार कार्यकर्ता और डिफेंडर ऑफ ह्यूमन राइट्स सेंटर (DHRC) की उपाध्यक्ष हैं।

 

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