देहरादून: उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता यानी यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर बड़ी खबर है। पुष्कर सिंह धामी की नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार इसे कानूनी अमलीजामा पहनाने की तैयारी में है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो अगले हफ्ते UCC लागू करने वाला उत्तराखंड, देश का पहले राज्य बन जाएगा।
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक रिपोर्ट के अध्ययन के बाद अगले हफ्ते दिवाली के बाद उत्तराखंड विधानसभा का विशेष सत्र बुलाए जाने की तैयारी है। सदन में विधेयक पर चर्चा होगी और उसे पारित कराए जाएगा। राज्यपाल के हस्ताक्षर के बाद यह कानून की शक्ल ले लेगा।
उत्तराखंड की बीजेपी सरकार ने यूसीसी को लेकर जस्टिस (रिटायर्ड) रंजना प्रकाश देसाई के नेतृत्व में एक कमेटी गठित की थी। इस टीम ने लोगों की राय-मशविरा के बाद एक ड्राफ्ट रिपोर्ट तैयार कर ली है। राज्य में शादी, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे मामलों के साथ कैसे डील किया जाएगा, इस ड्राफ्ट रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है। कमेटी अगले एक से दो दिन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ड्राफ्ट रिपोर्ट सौंपेगी।
भाजपा ने किया था चुनावी वादा
साल 2022 में उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा की ओर से यूसीसी लागू करने का वादा किया गया था। सरकार बनने ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से पहली कैबिनेट बैठक में ही यूसीसी का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए समिति बनाए जाने पर मंजूरी दी गई थी। पांच सदस्यीय समति ने ड्राफ्ट तैयार के लिए 2.33 लाख लोगों व कई सरकारी संगठनों व संस्थानों से राय ली। सुझावों के लिए आनलाइन पोर्टल बनाया गया था।
बीजेपी की ये है रणनीति?
लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी एक बार फिर से यूनिफॉर्म सिविल कोड के मुद्दे को जिंदा करना चाहती है। अगर उत्तराखंड में ये कानून लागू हो जाता है तो बीजेपी इसे केंद्र और बीजेपी शासित राज्यों में अपनी उपलब्धि के तौर पर इस्तेमाल करेगी। यूसीसी की रिपोर्ट मिलने के बाद धामी सरकार इसे सदन में पेश करने से पहले कानून के जानकारों की राय भी ले सकती है ताकि इसे लागू करते वक्त कोई परेशानी न हो।
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