अल्मोड़ा। सांस्कृतिक नगरी के ऐतिहासिक और प्रसिद्ध दशहरा महोत्सव में इस वर्ष सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं होंगे। महोत्सव के लिए स्थान नहीं मिलने से नाराज दशहरा समिति ने चेतावनी के तौर पर यह फैसला किया है। समिति ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि अगले साल तक जीआईसी मैदान तक पक्की सड़क नहीं बनाई गई तो फिर 2025 में दशहरा समिति एचएनबी स्पोर्ट्स स्टेडियम में ही सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करेगी। समिति ने कहा कि इसके लिए कोर्ट जाने व आंदोलन करने की जरूरत पड़ेगी तो समिति वह भी करेगी।
नगर एक होटल में प्रेस वार्ता में समिति के पदाधिकारियों ने सरकार पर सांस्कृतिक विरासतों को बढ़ावा व संरक्षण देने में उदासीनता बरतने का आरोप लगाया। समिति के अध्यक्ष अजीत कार्की ने कहा कि अल्मोड़ा नगर में रामलीला का इतिहास 200 वर्ष से भी पुराना है। तभी से ही पुतला निर्माण होते आया है। पिछले 20 वर्षों से अधिक समय से स्थानीय स्टेडियम में पुतलों का दहन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। गत वर्ष स्टेडियम में सुधार कार्य के चलते वैकल्पिक व्यवस्था के तहत एसएसजे परिसर के छोटे मैदान में पुतले जलाए गए। इसमें काफी अफरा तफरी मची थी। तब सरकार ने माल रोड से जीआईसी मैदान तक सड़क बनाने का आश्वासन दिया था। एक साल बाद भी सड़क निर्माण की घोषणा लटकी है। जिसके चलते इस वर्ष समिति ने सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थगित करने का निर्णय लिया है।
समिति के मनोज सनवाल ने कहा दशहरे के दिन नगर के 11 स्थानों पर बनी दुर्गा मूर्तियों की शोभायात्रा निकाली जाती है। उन्होंने कहा कि सरकार कावड़ यात्रियों की तरह अल्मोड़ा में शोभयात्रा पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा करें।
यहां मुख्य संयोजक किशन लाल कैलाश गुरुरानी, मनोज वर्मा, आनंद सिंह बगडवाल, दीप जोशी, विनोद वैष्णव, वैभव पांडे, अशोक पांडे, राजेंद्र तिवारी, उज्ज्वल जोशी, सलमान अंसारी आदि मौजूद रहे।
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