अल्मोड़ा। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दया राम ने हिसार, हरियाणा के पर्यटक महेश चंद्र वर्मा के खिलाफ दर्ज आपराधिक मुकदमे में अभियुक्त को दोष मुक्त करने का आदेश किया है। आदेश में कहा कि अभियोजन द्वारा प्रस्तुत किए गए गवाहों एवं दस्तावेजों से महेश चंद्र वर्मा पर लगाए गए गाली गलौज, धमकी देने व मोबाइल तोड़ देने के आरोपों की पुष्टि नहीं होती और दोष सिद्ध करने का आधार पर्याप्त प्रतीत नहीं होता।
अभियुक्त महेश चंद्र वर्मा ने साल 2023 में 11-12 जून को अपने परिवार की तीन महिलाओं व दो बच्चों के साथ बिनसर घूमने के लिए इत्मीनान लॉज प्राइवेट लिमिटेड में दो कमरों की बुकिंग कराई थी। ऑनलाइन कराई गई इस बुकिंग में वेबसाइट में इत्मीनान स्टेट चलनीछीना धौलादेवी थाना दन्या को बिनसर के पास बताया गया था।
चलनीछीना पहुंच कर जब इस पर अभियुक्त महेश चंद्र वर्मा ने आपत्ति की तो इत्मीनान स्टेट के प्रबंधक अमित कांडपाल ने 12 जून को दन्या थाने की पुलिस बुलाकर अभियुक्त पर गाली गलौज करने, धमकी देने व उनके द्वारा मोबाइल पर वीडियो बनाने पर उनके मोबाइल को फेंक देने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी जिस पर न्यायालय में फौजदारी मुकदमा चला।
अभियोजन की ओर से इस मामले में वादी अमित कांडपाल समेत इत्मीनान स्टेट के कर्मचारी रमेश सिंह मेहता, शिव सिंह, रिसेप्शनिस्ट भावना एवं खीम सिंह के साथ विवेचना अधिकारी बलबीर सिंह समेत छह गवाहों को प्रस्तुत किया गया।
दूसरी ओर अभियुक्त की ओर से पैरवी कर रहे एडवोकेट पीसी तिवारी और जीवन चंद्र ने दस्तावेजों के आधार पर आरोप लगाया कि इत्मीनान लॉज प्राइवेट लिमिटेड की वेबसाइट पर गलत जानकारियां देने के साथ कर्मचारियों ने उन्हें बिनसर के नाम पर गुमराह किया और इसका प्रतिकार करने पर पुलिस से मिलकर उनके खिलाफ झूठा मामला बनाया। बचाव पक्ष की ओर से न्यायालय में अभियुक्त महेश वर्मा द्वारा विवाद बढ़ने पर पुलिस की सहायता के लिए फोन के प्रयास करने एवं दन्या पुलिस थाने में लिखित रिपोर्ट देने के बावजूद उस पर कार्यवाही न करने के दस्तावेज भी पेश किए गए।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दया राम ने न्यायालय में पत्रावली में मौजूद दस्तावेजों, गवाहों के बयानों व दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अभियुक्त महेश चंद्र वर्मा को दोष मुक्त करने का आदेश दिया।
दोष मुक्त होने पर अभियुक्त महेश चंद्र वर्मा ने कहा कि हरियाणा से अल्मोड़ा में मुकदमा लड़ने में उन्हें काफी दिक्कतें हुईं पर उन्हें खुशी है कि उन्हें न्याय मिला। उन्होंने कहा कि उन्हें दिल्ली व उत्तराखंड में बैठे लोगों ने गुमराह कर परेशानी में डाला। सरकार, पुलिस और पर्यटन विभाग को इसका संज्ञान लेना चाहिए।
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