अल्मोड़ा: अन्तर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में विभिन्न संगठनों द्वारा सामूहिक धरना आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी (उपपा), उत्तराखंड पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संगठन, पेंशनर्स संगठन सहित अनेक मजदूर, कर्मचारी एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भागीदारी की और मजदूर अधिकारों के प्रति अपनी एकजुटता प्रदर्शित की।
कार्यक्रम के दौरान वर्ष 1886 में अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करते हुए शहीद हुए मजदूरों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा उनके संघर्षों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।
वक्ताओं ने न्यूनतम मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा, ठेकेदारी प्रथा की समाप्ति, कार्यस्थल पर सुरक्षित वातावरण तथा पुरानी पेंशन बहाली जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। साथ ही केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए श्रमिक विरोधी श्रम संहिताओं (लेबर कोड) को समाप्त करने की मांग भी जोरदार तरीके से रखी गई।
सभा में वक्ताओं ने कहा कि सरकार की नीतियों के चलते देश में मजदूरों और किसानों की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। युवाओं के सामने रोजगार का गंभीर संकट खड़ा हो गया है और लाखों-करोड़ों पढ़े-लिखे युवा बेरोजगारी का सामना कर रहे हैं, लेकिन सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाने में विफल रही है।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से पी.एस. बोरा, रमेश चंद्र पाण्डेय, मनोज जोशी (अध्यक्ष, पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संगठन), धीरेन्द्र कुमार पाठक, गणेश भण्डारी (अध्यक्ष, पुरानी पेंशन बहाली आंदोलन), संजय विष्ट, उदय किरोला, नीरज पंत, एम.सी. काण्डपाल, दीवान धपोला, गोविंद लाल वर्मा, डॉ. जे.सी. दुर्गापाल, पी.सी. तिवारी, नन्दन बोरा, विपिन जोशी, त्रिलोक सिंह भैसोड़ा, प्रकाश विष्ट, नन्दन सिंह कनवाल, ललित मोहन भट्ट, गीता बिष्ट, शेर राम, रमेश दानू, स्वाति तिवारी, मदन राम, जीवन चन्द्र, ममता बिष्ट, मोहम्मद साकिल, मोहन सिंह विरोडिया, एडवोकेट भारती, आनन्द पाटनी, हीरा देवी, ममता जोशी, मोहम्मद वसीम, एन.एल. साह, शंकर दत्त भट्ट, देवी सिंह टंगड़िया, नारायण राम सहित अनेक लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता देवेन्द्र सिंह फर्त्याल ने की तथा संचालन चन्द्र मणी भट्ट द्वारा किया गया।
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