अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय और लक्ष्मण सिंह महर परिसर पिथौरागढ़ इन दिनों खूब सुर्खिया बटोर रहा है। परिसर निदेशक पर वहां कार्यरत रहे अतिथि व्याख्याताओं ने तमाम आरोप लगाए हैं। सेवा विस्तार रोकने और आरोपों की जांच की मांग को लेकर अतिथि व्याख्याता पिछले तीन दिन से विवि के प्रशासनिक भवन परिसर में धरने पर बैठे हुए हैं। लेकिन विवि प्रशासन द्वारा उनकी मांगों पर फिलहाल कोई कार्यवाही नहीं की गई है।
हिंदी विभाग में कार्यरत रही डॉ. प्रिया जोशी ने कुलपति पर संज्ञान न लेने का आरोप लगाया है। साथ ही उन्होंने कहा कि कैंपस में पूर्व में कुछ कार्यकर्मियों पर उनकी उपस्थिति को लेकर जबरन विवाद खड़ा करने का आरोप लगाते हुए उन पर अनेक झूठे संगीन प्रकरण बनाकर फंसाने की तोहमत मड़ी। उन्होंने कई बार पत्राचार कर इसकी शिकायत की, लेकिन कोई संज्ञान नहीं लिया गया। उनका आरोप है कि षड्यंत्र के चलते उनका सेवा विस्तार रोककर उन्हें नौकरी से बाहर किया गया है।
बीएड विभाग में कार्यरत रहे प्रकाश चंद्र भट्ट का आरोप है कि परिसर निदेशक ने अपने चहेतों के माध्यम से उन्हें धमकाया और मारपीट भी की। जिसकी उन्होंने पुलिस में भी शिकायत की। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। और अब उनका सेवा विस्तार रोक दिया गया है। उन्होंने तत्काल मामले की निष्पक्ष जांच कर उन्हें स्थानांतरण के साथ सेवा विस्तार दिये जाने की मांग की है।
रविवार देर शाम प्रशासन और पुलिस की टीम धरनास्थल पहुंची। एसडीएम संजय कुमार, सीओ गोपाल दत्त जोशी ने मौके पर पहुंचकर आंदोलनकारियों से वार्ता की। विवि स्तर का मामला होने के चलते रजिस्ट्रार डॉ देवेंद्र सिंह बिष्ट भी मौके पर पहुंचे। रजिस्ट्रार ने बताया कि अतिथि व्याख्याताओं द्वारा जो आरोप लगाए गए हैं उसके लिए पूर्व में गठित समिति द्वारा संबंधितों के बयान लेकर रिपोर्ट कुलपति को सौंप दी गई है और अब कुलपति की ओर से निर्णय आना बाकी है। उन्होंने बताया कि अतिथि व्याख्याताओं की कुलपति से वार्ता को लेकर मंगलवार का दिन तय किया गया है। वार्ता के बाद जो भी निर्णय होगा उसके आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
आंदोलनकारियों को भावना पांडे, मोहन राम, जगदीश सिंह, इंद्रेश सिंह पाल, दीपक जोशी, शिवराज सिंह, भारतेन्दु भाकुनी, ममता जोशी आदि ने अपना समर्थन दिया।
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