अल्मोड़ा। जिलाधिकारी अंशुल सिंह की सख्ती से सिंचाई और जल संस्थान के अधिकारी हरकत में आ गए हैं। डीएम के निर्देश पर कोसी बैराज में डिसिल्टिंग काम शुरु हो गया है। विधायक मनोज तिवारी ने भी मौके पर पहुंच निरीक्षण कर अधिकारियों को निर्देश दिए।
पेयजल आपूर्ति के लिहाज से कोसी नदी मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों की लाइफ लाइन है। कोसी बैराज 2017 में चालू हो गया था। 2016 में निर्माण के समय भी बैराज के अंदर जमा गाद नहीं हटाई गई थी। तब से लेकर अब तक दस साल गुजर गए हैं लेकिन एक बार भी बैराज में जमा मिट्टी नहीं हटाई जा सकी थी।
‘इंडिया भारत न्यूज़’ पोर्टल द्वारा बैराज में सिल्ट जमा होने से उसकी जल भंडारण क्षमता कम होने और भविष्य में नगर व आस पास के क्षेत्रों में पेयजल संकट गहराने को लेकर लंबे समय से खबरें प्रकाशित की जा रही थी। जिलाधिकारी अंशुल सिंह समेत संबंधित विभागीय अधिकारियों द्वारा मामले का संज्ञान लिया गया। डीएम द्वारा बैराज की सफाई के लिए खनिज न्यास फंड से बजट स्वीकृत कर अधिकरियों को आपसी समन्वय से कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। और अब बैराज से डिसिल्टिंग का काम शुरू हो चुका है।
पंपिंग स्टेशन से निकासी गेट तक बैराज की ऊंचाई 8.50 मी है। लेकिन सफाई नहीं होने से इस स्थल पर अधिकांश क्षेत्र सात मीटर ऊंचाई तक मिट्टी जमा हो गई थी। करीब डेढ़ किलोमीटर क्षेत्र में भी मिट्टी पत्थर की मोटी परत मंगलवार को डिसिल्टिंग के लिए बैराज खाली होने पर साफ नजर आई।
काम शुरू होते ही विधायक मनोज तिवारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों विभागों के अधिकारियों से चर्चा की। कहा बैराज में जमा कई टन मिट्टी हटाने में समय लगेगा। इससे लोगों को परेशानी भी होगी। उन्होंने अधिकारियों को अस्थाई व्यवस्था कर पानी की सप्लाई चालू करने के निर्देश दिए। तिवारी ने मौके से ही सिंचाई सचिव वाईके पंत से दूरभाष से वार्ता कर बैराज में जमा होने वाली गंदगी को नियमित नियमित रूप से हटाने के लिए नाव और जाल की व्यवस्था करने के साथ ही वार्षिक डिसिल्टिंग के लिए बजटीय प्रावधान को विभाग से प्रस्ताव तैयार करने को कहा।
क्या बोले अधिकारी?
डिसिल्टिंग शुरू हो गई है, लेकिन अनुमान से काफी अधिक गाद जमा होने से काम में समय लग सकता है। कोशिश की जा रही है की सिल्ट हटाने की वजह से पेयजल सप्लाई में बहुत अधिक बाधा नहीं आए। फिलहाल अस्थाई बांध बनाकर पेयजल पंपिंग रिस्टोर करने का प्रयास किया जा रहा है। जेसीबी मशीनें मिट्टी हटा रही हैं। दलदल और खड़ी चढ़ाई के चलते मिट्टी हटाने के लिए ट्रकों का पहुंचना संभव नहीं है। ट्रैक्टरों के जरिए मिट्टी को अन्यत्र जमा करने के योजना पर काम हो रहा है। उम्मीद है जल्द ही काम की गति बढ़ेगी।
-मोहन सिंह रावत, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग।जल संस्थान और सिंचाई विभाग आपसी समन्वय से बैराज में जमा मिट्टी हटाने के लिए काम पर जुटे हैं। पेयजल आपूर्ति रिस्टोर करना विभाग की प्राथमिकता है। प्रथम चरण में पंपिंग स्टेशन के पास मिट्टी की मेढ़ बनाकर पानी रोकने की योजना है, ताकि उपलब्ध पानी को पंपिंग कर फिल्टर स्टेशन तक पहुंचाया जा सके। वितरण टैंकों में पहुंच रहे पानी की मात्रा के अनुसार वाटर सप्लाई में कटौती कर आपूर्ति सुचारू करने के प्रयास होंगे।
-नीरज तिवारी, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान।
India Bharat News Latest Online Breaking News