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बड़ी खबर: भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस की एक और बड़ी कार्रवाई, ज्येष्ठ उद्यान निरीक्षक घूस लेते गिरफ्तार, जानिए क्या है पूरा मामला

इंडिया भारत न्यूज़ डेस्क: उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ धामी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत सतर्कता अधिष्ठान ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। किच्छा क्षेत्र में उद्यान विभाग के एक ज्येष्ठ निरीक्षक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है।

 

​शिकायतकर्ता, जो पिछले कई वर्षों से लकड़ी के ठेकेदार के रूप में कार्य कर रहा है, ने ग्राम गऊघाट में काश्तकारों से निजी आम के पेड़ खरीदे थे। नियमानुसार, इन पेड़ों की कटाई के लिए विभाग से अनुमति लेना आवश्यक होता है। शिकायतकर्ता ने 26 आम के पेड़ों की कटाई के लिए आवेदन किया था।

 

​निरीक्षण और कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद भी, उद्यान विभाग में तैनात ज्येष्ठ निरीक्षक बादल पाण्डे ने 16 पेड़ों की कटाई की अनुमति देने के बदले 12,000 रुपये की रिश्वत की मांग की।

 

शिकायत के बाद बिछाया गया जाल

​परेशान होकर शिकायतकर्ता ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध जारी टोल फ्री नंबर 1064 पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। सतर्कता अधिष्ठान, हल्द्वानी ने प्राथमिक जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद तत्काल मामला दर्ज किया।

​पुलिस अधीक्षक (सतर्कता) के निर्देश पर एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया। योजनाबद्ध तरीके से 9 अप्रैल को टीम ने किच्छा स्थित उद्यान सचल दल केंद्र कार्यालय में धावा बोला और बादल पाण्डे को शिकायतकर्ता से रिश्वत की रकम लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया।​ विजिलेंस ने आरोपी बादल पाण्डे पुत्र बची पाण्डे,​ निवास शक्ति विहार, तल्ली हल्द्वानी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

 

​इस सफल कार्रवाई पर सतर्कता विभाग के निदेशक डॉ. वी. मुरूगेशन ने ट्रैप टीम की सराहना की और टीम के लिए नकद पुरस्कार की घोषणा की है। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।

 

​सतर्कता विभाग ने जनता से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी काम के बदले रिश्वत मांगता है, तो तुरंत टोल फ्री नंबर 1064 या व्हाट्सएप नंबर 9456592300 पर सूचित करें। शिकायतकर्ता की पहचान गुप्त रखी जाएगी।

 

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