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माफियाराज के मुकाबले के लिए उपपा तैयार करेगी मजबूत संगठन, कहा- राज्य की दुर्दशा के भाजपा-कांग्रेस जिम्मेदार

अल्मोड़ा: शक्ति सदन लोअर माल रोड में उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के तमाम क्षेत्रों से आए कार्यकर्ताओं ने उत्तराखंडी अस्मिता की रक्षा व यहां तेजी से जड़ जमा रहे माफिया राज के मुकाबले के लिए उपपा का मजबूत संगठन तैयार करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पी.सी तिवारी ने कहा कि स्थापना के बाद से लगभग डेढ़ दशक में पार्टी ने राज्य की आम जनता व जरूरतमंदों के हित में सतत संघर्ष से एक अलग पहचान बनाई है। जिससे उसका राजनीतिक विकल्प बनने का रास्ता आसान हो गया है।

पार्टी की केंद्रीय उपाध्यक्ष आनंदी वर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में बैठक का संचालन पार्टी के केंद्रीय महासचिव एडवोकेट नारायण राम ने किया। उपपा अध्यक्ष ने उत्तराखंड में कांग्रेस भाजपा के साथ यहां बनी सरकारों में हिस्सेदारी करने वाले दलों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि आज उत्तराखंड में प्राकृतिक संसाधनों की लूट, महंगाई, बेरोजगारी व‌ राज्य की दुर्दशा के लिए पिछले 23 सालों में राज करने वाली पार्टियां जिम्मेदार हैं जिनके राजनीतिक विकल्प के लिए उपपा आज मैदान में है।

इस दौरान पार्टी द्वारा पिछले 5 वर्ष में किए गए कार्यों, संघर्षों, नीतियों पर रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। जिसमें पार्टी द्वारा कहा गया कि इस दौरान पार्टी ने ग्राम पंचायत से लेकर विधानसभा, स्थानीय निकायों व संसदीय चुनावों के माध्यम से अपना दृष्टिकोण सामने रखा और दूसरी ओर भू माफियाओं के खिलाफ चले संघर्षों में अच्छी उपलब्धियां हासिल की।

इस मौके पर एडवोकेट जीवन चंद्र, महेश फुलारा, बसंत खनी धौलादेवी, सुश्री गंगा सल्ट, विनोद बिष्ट फलसीमा, प्रकाश चंद्र चितई, कौस्तुभानंद भट्ट, मोहन कांडपाल, हेम पांडे, नगर अध्यक्ष हीरा देवी, सरिता मेहरा, दीपा फुलोरिया, भावना मनकोटी, गिरधारी कांडपाल, रंजना सिंह, मनोज पंत, राजू गिरी, वसीम अहमद आदि ने अपनी बात रखी।

इस दौरान पार्टी नेताओं ने बैठक में अपनी बात रखते हुए कहा कि दिल्ली के इशारों पर राज्य को चलाने वाली सरकारों ने सुजीत रूप से उत्तराखंड राज्य की अवधारणा को नष्ट कर दिया है। राज्य में लगातार जन आंदोलनों को दमन किया जा रहा है। हेलंग, जगदीश हत्याकांड, अंकिता हत्याकांड जैसे मामलों में सरकार की जवाबदेही कार्यवाही से जनता स्वयं को ठगा महसूस कर रही है। इन सभी मामलों में उपपा ने पहल लेकर राज्य में संघर्षशील जनता से एकजुटता कायम की है। जिससे एक बड़े राजनीतिक बदलाव का आधार तैयार हो गया है।

उपपा नेताओं ने कहा कि उत्तराखंड में उपपा तमाम संघर्षशील व राजनीतिक बदलाव के लिए प्रतिबद्ध लोगों को एकजुट करने का प्रयास कर रही है। जिसके चलते आगामी कुछ महीनों में उपपा राज्य में एक प्रमुख शक्ति के रूप में सामने आएगी।

 

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