अल्मोड़ा: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौखुटिया के मेडिकल स्टाफ द्वारा उनके साथ हो रहे दुर्व्यवहार और अपमानजनक भाषा के प्रति गहरा रोष व्यक्त किया गया है। इस मामले में स्टाफ द्वारा उपजिलाधिकारी द्वाराहाट सुनील कुमार राज के माध्यम से जिलाधिकारी और प्रांतीय चिकित्सा संघ को ज्ञापन प्रेषित किया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि कुछ दिनों से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, चौखुटिया में आये दिन असमाजिक तत्वों द्वारा राजकीय कार्यों में व्यवधान उत्पन्न किया जा रहा है तथा चिकित्सकों को डराया, धमकाया जा रहा है। चिकित्सालय परिसर में नारेबाजी कर भय का माहौल उत्पन्न किया जा रहा है। जबकि सभी चिकित्सक पूर्ण मनोयोग के साथ उपलब्ध संसाधनों के साथ स्वास्थ्य सेवायें प्रदान करने का कार्य कर रहे हैं। लेकिन ऐसी परिस्थितियों में कार्य किया जाना सम्भव नहीं हो पा रहा है। ज्ञापन में कहा है कि चिकित्सालय में महिला चिकित्सकों के साथ बाहरी व्यक्तियों द्वारा अपशब्द का इस्तेमाल कर इन्हें धमकाया जा रहा है। बावजूद इसके सभी चिकित्सक पूर्ण मनोयोग व निष्ठा से धैर्य व सहनशीलता का परिचय देते हुये चिकित्सकीय सेवायें उपलब्ध करा रहे हैं।
सीएचसी में तैनात महिला चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर दीप्ति शिखा तथा डॉक्टर सुरभि माथुर द्वारा मौखिक शिकायत की गयी है। शिकायत में डॉ दीप्ति शिखा का आरोप है कि हाल में ही एक व्यक्ति जो चिकित्सालय में भर्ती तथा अन्य व्यक्ति जो चिकित्सालय में आये थे उनके द्वारा उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया तथा बिना अनुमति के उनका वीडियो बनाया। एवं विरोध करने पर उक्त व्यक्ति द्वारा वीडियो बनाना बंद कर दिया गया। इसके अलावा। उन्होंने 21 अक्टूबर को मरीज के तीमारदार द्वारा उनके साथ अभ्रद व्यवहार करते हुये बाहर मिलने की धमकी भी देने का आरोप लगाया है।
चिकित्सालय में कार्यरत एक अन्य महिला चिकित्साधिकारी डॉक्टर सुरभि माथुर द्वारा 10 अक्टूबर की रात को एक महिला मरीज के साथ आये तीमारदार द्वारा उनके साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है। अस्पताल में कार्यरत दोनो महिला चिकित्साधिकारी के साथ किये गये अभद्र व्यवहार व दी गयी धमकी से अपनी जान-माल को खतरा बताते हुये मेडिकल स्टाफ द्वारा कार्य करने में असमर्थता व्यक्त की गयी है।
ज्ञापन में यह भी आरोप है कि 23 अक्टूबर को करीब 2 बजे कुछ व्यक्तियों द्वारा चिकित्सालय परिसर में आकर डॉक्टर अमित रतन सिंह के विरुद्ध खुलेआम नारेबाजी, गाली गलौज तथा अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। जिसकी कुछ वीडियो के भाग सोशल मीडिया में अपलोड की गयी है।
स्टाफ द्वारा इन घटनाओं की शिकायत 24 अक्टूबर को सीएचसी चौखुटिया पहुंचे अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा० योगेश पुरोहित से मौखिक रूप से की गयी तथा गहरा रोष प्रकट किया गया। ज्ञापन में आगे कहा गया है कि उक्त व्यक्तियों के द्वारा किये गये अभद्र व्यवहार, खुले आम नारेबाजी तथा गाली गलौज के कारण पूरा स्टाफ अत्यंत मानसिक पीड़ा में हैं। तथा पारिवारिक सदस्य भी मानसिक रूप से परेशान हैं। कहा कि स्थानीय जनता द्वारा उन्हें अच्छा सहयोग एवं सम्मान दिया जाता है। लेकिन कतिपय लोगों द्वारा कार्यों में व्यवधान डालकर चिकित्सा व्यवस्था को नकारात्मक रूप से प्रभावित किया जा रहा है। स्टाफ का दावा है कि चौखुटिया अस्पताल में अप्रैल 2025 से वर्तमान तक 20615 व्यक्तियों की ओपीडी की गई 2337 आपातकालीन सेवाएं दी गई, 1033 आईपीडी तथा 126 सामान्य प्रसव कराए गए हैं।
मेडिकल स्टाफ ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं जारी रही तो वह इन परिस्थितियों में कार्य नहीं कर पाएंगे। तथा समस्त चिकित्सक कार्य बहिष्कार करने हेतु बाध्य होंगे। इसी क्रम में मेडिकल स्टाफ द्वारा काली पट्टी बांध कर कार्य करते हुए अपना रोष व्यक्त किया गया। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
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