अल्मोड़ा। नोएडा की सड़कों पर दौड़ते अल्मोड़ा के प्रदीप का नाम आज हर जुबां पर है। वीडियो वायरल होने के बाद प्रदीप सुर्खियों में बने हुवे है। प्रदीप ने वीडियो में अपने संघर्ष की जो बातें सांझा की है, लोग उसे सुन उन्हें सलाम कर रहे हैं। वाकई में प्रदीप का यह संघर्ष प्रेरणादायी है और आज हर युवा को प्रदीप से प्रेरणा लेनी चाहिए। पहाड़ के जीवट युवा का वीडियो वायरल होने के बाद आज अल्मोड़ा प्रशासन की टीम भी प्रदीप के गांव पहुंची। जहां उन्होंने प्रदीप के पिता से मुलाकात की।
चौखुटिया से करीब 9 किमी की दूरी पर स्थित ढनाड़ गांव निवासी 19 वर्षीय प्रदीप मेहरा बेहद गरीब परिवार से है। गरीबी का आलम यह था कि 12वीं के बाद प्रदीप के माता-पिता उसे आगे पढ़ा नहीं पाए और वह नोएडा में एक निजी कंपनी में काम कर अपने सपने पूरे करने के लिए जुट गया। प्रदीप ने राजकीय इंटर कालेज तड़ागताल से 12वीं उत्तीर्ण की। बीते वर्ष निजी कंपनी में नौकरी के लिए नोएडा रवाना हो गया। वहां उसका बड़ा भाई पंकज मेहरा पहले से ही एक निजी कंपनी में काम कर रहा था। दोनों साथ में नौकरी कर परिवार का भरण पोषण करने लगे।
प्रदीप के पिता त्रिलोक सिंह मेहरा धनाड़ गांव में ही रहते हैं। वह काफी निर्धन है। पैतृक आवास आपदा से क्षतिग्रस्त हो गया है। वहां अब कोई नहीं रहता। वर्तमान में वह इंदिरा आवास से बने एक मकान में रहते हैं। प्रदीप की मां बीना मेहरा बीते दो साल से बीमार है। एक साल पहले वह दिल्ली के नागलोई में अपनी बहन के वहां आ गई थी। जहां रहकर वह अपना इलाज करा रही हैं।
त्रिलोक सिंह को उनके बेटे प्रदीप का वीडियो इंटरनेट मीडिया में वायरल होने की जानकारी उनके आस पास के लोगों ने दी। इस खबर को सुनने के बाद उन्होंने कहा कि उनके बच्चों का भला हो। वह कुछ बन जाएं, यही वह चाहते हैं।
जिला प्रशासन की ओर से तहसीलदार चौखुटिया हेमंत मेहरा व राजस्व उपनिरीक्षक शेखर आर्य आज प्रदीप के गांव ढनाड़ पहुंचे। जहां उन्होंने प्रदीप के पिता से मुलाकात की और उनकी समस्याओं के बारे में जाना।
तहसीलदार हेमंत मेहरा ने बताया कि प्रदीप के घर में बिजली, पानी सभी तरह की व्यवस्था है। उनकी माँ बीमार है जिनका इलाज चल रहा है। इसलिए प्रदीप के परिवार को आर्थिक मदद की दरकार है। उन्होंने बताया कि प्रदीप के पिता त्रिलोक सिंह मेहरा से इस संबंध में अर्जी ले ली गई है और साथ ही उच्चाधिकारियों को भी इस मामले से अवगत करा दिया गया है।