अल्मोड़ा। शहीद दिवस के मौके पर उत्तराखंड छात्र संगठन द्वारा संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिला राजकीय संग्रहालय में आयोजित इस संगोष्ठी में शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह, राजगुरू व सुखदेव के बलिदान को याद करते हुए उनके चित्र पर पुष्प चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जाने माने जनकवि बल्ली सिंह चीमा ने कहा कि भगत सिंह देश के वह नायक है जिन्हें भारत ही नहीं बल्कि पाकिस्तान, बांग्लादेश में आज भी लोग पूजते है और उनके विचारों को जानने के लिए उत्सकु रहते है। लेकिन दुख की बात है कि देश में आज राजनीतिक पार्टियां भगत सिंह के चेहरे को सिर्फ वोट लेने के लिए इस्तेमाल कर रही है। भगत सिंह का असली चेहरा व उनके विचारों को जनता तक पहुंचाने के बजाय राजनीतिक पार्टियों द्वारा बम-बंदूक की बातें ज्यादा की गई।

जनकवि चीमा ने कहा कि शहीद भगत सिंह देश में समानता की बात करते थे। वह चाहते थे कि देश के अंतिम व्यक्ति तक रोजगार पहुंचे। लेकिन आजादी के 70 साल से अधिक समय के बाद आज भी देश में वही हालात बने है। महंगाई, बेरोजगारी, गरीबी, अशिक्षा से आज देश के बुरे हाल है। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि युवा भगत सिंह के विचारों को पढें, जाने व उस पर अमल करें। धर्मवाद, क्षेत्रवाद, जातिवाद से ऊपर उठकर देश की भलाई के लिए आगे आए।
इस मौके पर उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पी.सी. तिवारी, वरिष्ठ पत्रकार नवीन बिष्ट, आकाशवाणी के निदेशक प्रतुल जोशी, उत्तराखंड छात्र संगठन की दीक्षा सुयाल, रमाशंकर नैनवाल समेत कई वक्ताओं ने अपने विचार रखें। कार्यक्रम का संचालन भारती पांडे ने किया।
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