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अल्मोड़ाः मांगें पूरी नहीं होने पर कर्मचारियों में उबाल, धरना-प्रदर्शन कर जताया आक्रोश

अल्मोड़ाः राज्य कर्मचारियों का ग्रेड पे घटाए जाने के फैसले को वापस लेने, पुरानी पेंशन बहाली समेत 20 सूत्रीय मांगों को लेकर कर्मचारियों का आंदोलन तेज हो गया है। मंगलवार को चौघानपाटा गांधी पार्क में अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक समन्वय समिति के बैनर तले सैकड़ों कार्मिकों ने धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान आक्रोशित कार्मिकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले सरकार ने कार्मिकों की सभी समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया था। लेकिन दोबारा सत्ता में आने के बाद कार्मिकों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय राज्य कार्मिकों को पूर्व में दिए जा रहे ग्रेडवेतन को भारत सरकार की तर्ज पर बिना किसी ठोस तथ्यों के जल्दबाजी में मंत्रीमंडल से पारित करा लिया गया। कार्मिकों ने कहा कि यह उनके साथ धोखा है। जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

समिति के सचिव संयोजक पुष्कर सिंह भैसोड़ा ने कहा कि कई ऐसी सुविधाएं जो पूर्व में सरकार द्वारा कर्मचारियों को दी जा रही थी वर्तमान सरकार द्वारा कर्मचारियों से यह सुविधाएं छीन ली गई है। जो कि कर्मचारियों के हितों पर कुठाराघात है। उन्होंने पुरानी पेंशन बहाली, शिथिलीकरण, विभिन्न विभागीय संवर्गों की वेतन विसंगति दूर किए जाने, विभागों के ढांचे का पुनर्गठन किए जाने, लंबित सेवा संवर्गों की प्रदोन्नतियों पर कार्रवाई सहित 20 सूत्रीय मांगों के समाधान करने की मांग की। साथ ही सरकार को सख्त चेतावनी दी कि अगर कर्मचारियों की मांगों को अनसुना किया गया तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। यही नहीं प्रदेश कार्यकारणी द्वारा हड़ताल जैसा ठोस कदम भी उठाया जा सकता है।

धरना-प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी वंदना के माध्यम से सीएम पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजा गया। जिसमें कार्मिकों ने उनकी मांगों पर उचित कार्यवाही करने की मांग की। धरना-प्रदर्शन में जिला मुख्यालय में अलग-अलग विभागों में कार्यरत 250 से अधिक कार्मिकों ने हिस्सा लिया।

ये है समति का चरणबद्ध आंदोलन कार्यक्रम

समिति द्वारा 1 सितंबर से 15 सितंबर तक जिले के समस्त सरकारी कार्यालयों में जन जागरण अभियान चलाया गया। 20 सितंबर को जिला, तहसील, ब्लॉक मुख्यालयों में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। साथ ही मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा गया।
इसके अलावा अब 27 सितंबर को जिला मुख्यालय में जनचेतना रैली आयोजित की जाएगी। डीएम के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजा जाएगा। 7 अक्टूबर को देहरादून में गर्जना रैली का आयोजन होना है।

ये रहे मौजूद-

उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति के मुख्य संयोजक के.एन. कांडपाल, सचिव संयोजक पुष्कर सिंह भैसोड़ा, मनोज कुमार जोशी, महेंद्र सिंह गुसांई, पंकज जोशी, जय प्रकाश, हयात सिंह जैम्याल, गोविंद सिंह मेहता, गोविंद सिंह रावत, जगदीश सोनाल, किशन सिंह नेगी, संजय कुमार कश्यप, मनीष जोशी, अकित, नवीन सती, हरीश जोशी, नवीन भट्ट, ललित तिवारी, वसीम अहमद, हरीश पांडे, विद्या देवी, गीता बिष्ट, मोहनी भट्ट, सुमन जोशी, माया भट्ट, रमा कांडपाल, ललित पेटशाली, दीपा पांडे, मनोज बिष्ट, योगेंद्र बिष्ट, सौरभ नयाल, विमला देवी, दया वर्मा, मीनाक्षी भट्ट, योगेश तिवारी, बीना कनवाल, शांति तड़ागी, बबीता, केदार, सुभाष, मीनाक्षी तिवारी, भारती सिंह, केशर सिंह, मोहन सिंह, पान सिंह समेत कई कर्मचारी मौजूद रहे।

 

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