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प्रदीप टम्टा बोले- अंकिता हत्याकांड में प्रदेश सरकार की भूमिका संदेहास्पद, बुलडोजर कार्रवाई पर भी खड़े किये सवाल

अल्मोड़ाः ऋषिकेश में बीजेपी नेता के बेटे के रिसोर्ट की रिसेप्सनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या (Ankita murder case) का मामला अब राजनीतिक रूप लेने लगा है। पूर्व राज्यसभा सांसद व कांग्रेस नेता प्रदीप टम्टा ने अंकिता हत्याकांड पर प्रदेश सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए है। साथ ही टम्टा ने रिजाॅर्ट में बुलडोजर कार्रवाई पर साक्ष्यों को मिटाने व आरोपियों को बचाने की इसे प्रदेश सरकार की साजिश करार दिया है।

पत्रकारों से वार्ता करते हुए प्रदीप टम्टा ने कहा कि अंकिता 5 दिन से गायब थी। बेटी की ढूढ़खोज के लिए उसके पिता थाना, चौकी, पटवारी चौकी के चक्कर काटते रहे। अधिकारियों द्वारा मामले में कार्यवाही करने के बजाय लीपापोती करने की कोशिश की गई और अंत में होनहार बेटी की लाश बरामद हुई। प्रदेश सरकार पर हमला बोलते हुए टम्टा ने कहा कि एक बीमार पिता अपनी बेटी की खोजबीन के लिए दर-दर भटकता रहा वही, मामले को राजस्व से रेगुलर पुलिस को ट्रांसफर करने में प्रदेश सरकार को 5 दिन लग गए।

प्रदीप टम्टा ने कहा कि अंकिता हत्याकांड में शुरूआत से जिस तरह की हीलाहवाली हुई है। उसके लग रहा है कि प्रदेश सरकार द्वारा अपराधियों को छिपाने व बचाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं होता तो इस मामले को राजस्व से रेगुलर पुलिस को ट्रांसफर करने व मुख्य हत्यारोपी के पिता व भाई को पार्टी से निकालने में पांच दिन नहीं लगते। उन्होंने कहा कि अंकिता की हत्या में राज्य सरकार की भूमिका संदेहास्पद है, जिसका सच राज्य की जनता के सामने आना जरूरी है।

टम्टा ने कहा कि समय आ गया है कि राजस्व पुलिस व्यवस्था पर पुनर्विचार किया जाए। आज दूर दराज ग्रामीण क्षेत्रों में रिजाॅर्ट संचालित हो रहे है। महिलाओं व पहाड़ की बेटियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार को चाहिए कि वह सभी रिजाॅर्ट की जांच कराएं और जो अवैध रूप से चल रहे है ऐसे रिजाॅर्ट स्वामियों पर कार्रवाई की जाए। टम्टा ने राज्य सरकार से मांग की है कि अंकिता के हत्यारों को कड़ी सजा मिल सके इसके लिए मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हो।

बुलडोजर की कार्रवाई पर उठाए सवाल

पूर्व राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा ने रिजॉर्ट में हुई बुलडोजर के कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा रिजॉर्ट में बुलडोजर चलाने को लेकर जिला प्रशासन का यह कहना है कि इसकी हमसे कोई अनुमति नहीं ली गई थी। ऐसे में सवाल है कि आखिर वहां बुलडोजर किसने चलाया और यह जांच का विषय है। उन्होंने राज्य सरकार से सवाल करते हुए कहा कि क्या रिजाॅर्ट में बुलडोजर चलाने वालों पर एफआईआर, कार्रवाई होगी?

पत्रकार वार्ता में विधायक मनोज तिवारी, जिलाध्यक्ष पीतांबर पांडे, पूरन रौतेला, तारा चंद्र जोशी, रमेश भाकुनी, मनोज सनवाल, ए.के सिकंदर पवार आदि मौजूद रहे।

 

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