इंडिया भारत न्यूज़ डेस्क: हिंदी के मशहूर कथाकार शेखर जोशी (Shekhar Joshi) का मंगलवार को निधन हो गया है। वह 90 साल के थे। उनके निधन से साहित्य जगत में शोक की लहर है। साहित्यकारों, लेखक, पत्रकारों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।
शेखर जोशी के छोटे बेटे संजय जोशी ने मीडिया को बताया कि शेखर जोशी पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। वह आंतों में संक्रमण से ग्रसित थे। पिछले 9 दिन से आईसीयू में भर्ती थे। उन्होंने मंगलवार को दोपहर 3.20 बजे गाजियाबाद के वैशाली सेक्टर-4 स्थित पारस अस्पताल में अंतिम सांस ली।
शेखर जोशी का जन्म 10 सितम्बर, 1932 को उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के ओलिया गांव में हुआ था।
शेखर जोशी ने अपने जीवनकाल में दाज्यू, कोसी का घटवार जैसी कई प्रगतिशील कहानियां दी हैं। उनके जाने से साहित्य जगत में शोक की लहर है। उनकी लिखी कहानियां इतनी प्रसिद्ध रहीं कि उनका अंग्रेजी, रूसी और जापानी समेत कई भाषाओं में अनुवाद भी किया गया। उनकी दाज्यू वाली कहानी पर तो एक फिल्म भी बनाई गई थी।
उनके बड़े पुत्र प्रतुल जोशी इसी साल मार्च में आकाशवाणी अल्मोड़ा से निदेशक के पद से सेवानिवृत्त हुए।
उनके निधन पर जुगल किशोर पेटसाली, डॉ देव सिंह पोखरिया, डॉ जगत सिंह बिष्ट, डॉ दिवा भट्ट, त्रिभुवन गिरी महाराज, विनोद जोशी, दीपक, वरिष्ठ रंगकर्मी व पत्रकार नवीन बिष्ट , नीरज भट्ट, सांसद अजय टम्टा, विधायक मनोज तिवारी, नगरपालिका अध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी समेत कई लोगों ने दुख जताया है।
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