अल्मोड़ाः 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की हत्या के बाद उत्तराखंड समेत पूरे देश में आक्रोश का माहौल है। इस घटना की हर तरफ निंदा की जा रही है। सोमवार को उत्तराखंड छात्र संगठन (उछास) ने चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में प्रदर्शन कर आक्रोश व्यक्त किया। कहा कि भाजपा सरकार महिलाओं व बेटियों की सुरक्षा करने में विफल हो गई है। जिस तरह का माहौल आज समाज में पैदा हो गया है उससे बेटियां अब घर के बाहर खुद को महफूज नहीं कर रही है। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इस दौरान उछास की दीक्षा सुयाल ने कहा कि उत्तराखंड में सरकारी संरक्षण में भ्रष्टाचार, बेरोज़गारी, नौकरियां, प्राकृतिक संसाधनों की लूट से मालामाल हुए दबंग लोगों से उत्तराखंड की शांत वादियों में अपराध, अराजकता, गुंडागर्दी की फसल लहरा रही है। अंकिता हत्याकांड उसी की एक बानगी है। कहा कि जिस तरह रिसोर्ट पर बुल्डोजर चलाकर लोगों को भटकाने व अंकिता के हत्याकांड के अन्य प्रभावशाली लोगों को बचाने का प्रयास किया। उसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। जो भी इस मामले में दोषी पाए जाते है उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि यह लड़ाई अपराध, अराजकता, काले धन से राजनीति को प्रभावित करने व सत्ता में पहुंच कर पूरी व्यवस्था को ध्वस्त करने वालों को सबक सिखाए बिना समाप्त नहीं होगी। प्रदर्शन में अंकिता को न्याय दिलाने के लिए व उत्तराखंड सरकार की संवेदनहीनता के खिलाफ नारेबाजी की और कहा कि ये लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।
उछास ने अंकिता हत्याकांड मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में करने, दोषियों को फांसी की सजा देने, पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने, राज्य में संचालि सभी रिसोर्ट की जांच कर अवैध रिसोर्ट के स्वामियों पर कार्रवाई करने की मांग की हैं।
सभा का संचालन भारती पांडे ने किया। इस दौरान रेणुका आर्या, भावना पांडे, गीता फर्त्याल, बालम, कृष्णा आर्या, हेमा पांडे, चंपा सुयाल, हीरा देवी, पान सिंह बोहरा समेत अनेक लोग मौजूद रहे।
India Bharat News Latest Online Breaking News