अल्मोड़ा। जिले में अनवरत बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बुधवार की रात से शुरू हुई बारिश शुक्रवार को भी दिनभर जारी रही। तेज बारिश ने जमकर कहर बरपाया। जिला आपदा कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के मुताबिक, जिले में दो राष्ट्रीय राजमार्ग, 6 राज्य मार्ग समेत दो दर्जन से अधिक ग्रामीण सड़कें मलबा व पेड़ आने से बाधित हो गए। कुमाउं की लाइफ लाइन कही जाने वाले अल्मोड़ा-हल्द्वानी हाईवे में क्वारब के पास सड़क धंसने से यातायात आंशिक रूप से अवरूद्ध रहा। इस क्षेत्र में लगातार पहाड़ी से मलबा व बोल्डर भी गिर रहे है। जिससे खतरा बना हुआ है। वही, अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ हाईवे पनुवानौला, गुरुड़ाबाज, कनालीगाड़, मकड़ाउ के अलावा कई जगहों पर मलबा आने से बाधित रहा। बारिश के बाद मोटर मार्ग बंद होने से लोगों की परेशानियां बढ़ गई है। हालांकि, आपदा व पुलिस की टीमें जेसीबी मशीनों से मलबा व पेड़ हटाकर सड़कों को दुरुस्त करने में जुटी रही।
भारी बारिश से बेस में पांच दुकानें जमींदोज
अल्मोड़ा। जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश की वजह से जगह-जगह भूधंसाव हो रहा है। इसके चलते जिला मुख्यालय के बेस में देखते ही देखते पांच दुकानें जमींदोज हो गई। दुकानों के दरकने से पहले ही दुकानदार बाहर निकल आए। जिससे कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन दुकानों में रखा लाखों का सामान आपदा की भेंट चढ़ गया। सूचना पर प्रशासन की टीम ने मौका मुआयना किया।
जानकारी के मुताबिक यहां बेस अस्पताल के पास हरेंद्र सिंह राणा किराए की दुकान में सोलर प्लांट, राम सिंह कनवाल की टी स्टॉल व एक चिकन की दुकान संचालित है। जबकि दो दुकानें लंबे समय से बंद पड़ी हुई थी। जिसमें तीन दुकानें टिन शैड की थी। शुक्रवार दोपहर करीब करीब 1:30 बजे अचानक पांचों दुकानें भरभराकर ढह गई। इस दौरान दुकानदार दुकानों से बाहर भाग खड़े हुए। लेकिन पांचों दुकान व उनमे रखा सामान जमींदोज हो गया। वही, घटनास्थल के पास एक और दुकान को खतरा बना हुआ है। जिसे प्रशासन व पुलिस की टीम ने खाली करवा दिया है। सोलर प्लांट दुकान के स्वामी हरेंद्र सिंह राणा ने बताया कि उनकी दुकान में 220 पोल, 30 से अधिक बैटरियों समेत करीब चार लाख रुपये से अधिक कीमत का सामान रखा था, जो मलबे में दब गया।
सूचना के बाद डीएम आलोक कुमार पांडेय ,एसडीएम सदर जयवर्धन शर्मा, राजस्व उपनिरीक्षक ने घटनास्थल पहुंचकर मौका मुआयना किया। एसडीएम जयवर्धन शर्मा ने बताया कि सभी व्यावसायिक दुकानें थी। पूर्व में जमीन धंसने के बाद सभी दुकानदारों को अलर्ट भी किया गया था। आवासीय भवन नहीं होने के चलते मुआवजे का कोई प्रावधान नहीं है। पटवारी को रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए है।
इसके अलावा जिला मुख्यालय के कैंट क्षेत्र में एक विशालकाय पेड़ भरभराकर सड़क किनारे खड़ी कार पर जा गिरा। जिससे कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। रानीखेत में देवलखेत डोडाखाल से आगे सड़क पर दो पेड़ गिरने से यातायात पूरी तरह बाधित रहा। फायर यूनिट टीम द्वारा वुडकटर से पेड़ों को काटकर मार्ग को खोला गया। रानीखेत अस्पताल के पास टेक्सी स्टैंड के पास एक पेड़ गिर गया। जिसके बाद पेड़ काटकर सडक को यातायात के लिए सुचारु किया गया। सल्ट के मोहान में पन्याली व भकराकोट नाला उफान में आने से रामनगर-मोहान-मरचूला मोटर में यातायात बाधित रहा। बाद में जेसीबी की मदद से वाहनों व लोगों को नाला पार कराया गया।
India Bharat News Latest Online Breaking News