अल्मोड़ा। राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर राजकीय संग्रहालय के सभागार में गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें पत्रकारों ने प्रेस की बदलती प्रकृति के साथ ही प्रेस के बदलते स्वरूप, प्रेस की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, वर्तमान परिदृश्य में हो रहे बदलावों पर अपने विचार रखें।
वरिष्ठ पत्रकार जगदीश जोशी की अध्यक्षता में आयोजित इस गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि परिवर्तन प्रकृति का नियम है, यह परिवर्तन पत्रकारिता में भी स्वाभाविक है। कहा कि हमें वर्तमान में बदलती पत्रकारिता के साथ साथ पत्रकारिता की गरिमा और इसकी विश्वसनीयता को कायम रखते हुए कार्य करना होगा। पत्रकारों को निष्पक्ष रहते हुए जनभावना एवं लोकतंत्र की मजबूती के लिए कार्य करते रहना होगा।
इस अवसर पर पत्रकार रमेश जोशी, चंद्रशेखर द्विवेदी, किशन जोशी, प्रकाश चंद्र पांडे, सुरेश तिवारी, कंचना तिवारी, दया कृष्ण कांडपाल समेत आदि पत्रकारों ने अपने विचार रखें।
यहां हरीश भंडारी, एस एस कपकोटी, मुकेश सक्टा, जगजीवन बिष्ट, शिवेंद्र गोस्वामी, संतोष बिष्ट, अमित उप्रेती, दिनेश भट्ट, राजेंद्र सिंह धानक, हिमांशु लटवाल, नसीम अहमद, निर्मल उप्रेती, कमलेश कनवाल, अशोक पांडे, विनोद जोशी, राजीव कर्नाटक, दीपांशु पांडे, जगजीवन बिष्ट तथा सूचना विभाग के प्रवीन प्रसाद, हरीश बिष्ट, मोहित रावत एवं चंदन लटवाल आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रभारी जिला सूचना अधिकारी सुंदर कुमार ने किया।
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