अल्मोड़ा: बीते एक दशक से भी अधिक समय से बनकर तैयार कपिलेश्वर बानड़ीदेवी पेयजल योजना में तीन दर्जन से अधिक गांव आज भी प्यासे हैं। लमगड़ा बाजार, ठाट, पलना, तोली, गौलीमहर सहित अनेक गांवों के लोगों में समय पर पानी न मिलने पेयजल योजनाओं के अब तक हस्तांतरित न होने पर रोष है।
लमगड़ा बाजार में बीते सात-आठ माह से पानी न आने पर शुक्रवार को ग्रामीणों ने तहसीलदार को ज्ञापन दिया। ग्रामीणों ने एक सप्ताह में पानी की आपूर्ति नहीं होने पर धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। स्थानीय लोगों में इस बात को भी लेकर रोष है कि विभाग की मिलीभगत से लगातार पाईप लाईनों, अनाधिकृत कनेक्शनों के कारण रिजार्ट और होटलों में बराबर पानी की सप्लाई दी जा रही है, कई में तैराकी के लिए भी पानी की व्यवस्था की गई है जबकि ग्रामीणों को दो से तीन सप्ताह में एक बार पानी के दर्शन हो रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि पेयजल आपूर्ति न होने के कारण मध्याहन भोजन योजना सहित आंगनबाड़ी, चिकित्सालय आदि गंभीर रूप से प्रभावित हो रहे हैं वहीं, सरकार द्वारा संचालित खाद्य प्रसंस्करण इकाईयां, होमस्टे आदि से जुड़े पर्यटन पर भी इसका प्रभाव पड़ रहा है क्षेत्र में पलायन का कारण बन भी पानी की कमी है।
ग्रामीणों में विभाग के खिलाफ इस बात को लेकर रोष है कि व पानी का नियोजन और समान वितरण करने में ढिलाई कर रहे हैं। 2016 तक यह योजना बनकर तैयार नहीं हो पाई थी। लगातार इस योजना में गांवों को शामिल किया जाता रहा और हर घर नल योजना से भी इसे जोड़ा गया।
ज्ञापन सौंपने वालों में बाल विकास परियोजना अधिकारी लमगड़ा अमित वर्मा, जीवन सिंह मेर, हीरा बिष्ट, किशन सिंह, पंकज कुमार, गोपाल मेर, चंदन सिंह, रहीश अहमद, प्रकाश सिंह मेर, चंदन कनवाल, विशन सिंह, हीरा सिंह, पंकज कुमार सहित अनेक स्थानीय लोग शामिल रहे।
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