अल्मोड़ा: उत्तराखंड लोक वाहिनी की बैठक आहूत की गई। उलोवा ने सरकार से विस में बजट सत्र के दौरान पहाड़ी समाज के लिए आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले निवर्तमान कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के सभी कार्यों की जांच कराने की मांग की है।
बैठक में वक्ताओं द्वारा प्रेमचंद अग्रवाल के त्यागपत्र देने को देर से उठाया गया कदम बताते हुए अमर्यादित आचरण करने वाले निवर्तमान मंत्री के समर्थन में सत्ताधारी पार्टी के अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट तथा विस अध्यक्ष रितु खंडूरी के रवैये की आलोचना की गई। और पहाड़ बनाम मैदान की मुद्दे की राजनीति की तीव्र निंदा की गई।
वक्ताओं ने कहा कि एक ओर भाजपा सरकार समान नागरिक संहिता लागू करने की बात करती है दूसरी ओर भू-कानून में मैदान के जनपदों को रियायत देने की बात करती है। जबकि मैदानी जिलों में जनसंख्या घनत्व तेजी से बढ़ रहा है। यदि भविष्य में परिसीमन होगा तो यह प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों के अपेक्षित विकास के लिए घातक होगा। इसके साथ ही राज्य गठन का मूल औचित्य ही समाप्त हो जायेगा। वही, अप्रत्याशित रूप से बिजली के बिलों में वृद्धि पर वाहिनी सदस्यों ने रोष जताया और सरकार से विद्युत दरों में छूट देने की मांग की है।
अंत में सभी सदस्यों ने चिपको आन्दोलन की नेत्री विमला बहुगुणा तथा इतिहासकार शेखर पाठक की माता प्रेमा पाठक के निधन पर शोक व्यक्त कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। बैठक में एड जगत रौतेला, अजयमित्र सिंह बिष्ट, पूरन चन्द्र तिवारी, बिशन दत्त जोशी, जंग बहादुर थापा, दयाकृष्ण कांडपाल, रेवती बिष्ट, अजय मेहता आदि मौजूद रहे।
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