अल्मोड़ा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज ने ऐतिहासिक व पौराणिक मां नंदा देवी मेला को राजकीय मेला का दर्जा नहीं मिलने को केंद्रीय राज्य मंत्री व स्थानीय सांसद अजय टम्टा और भाजपा से जुड़े जनप्रतिनिधियों की विफलता करार दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा गत दिवस मेला का वर्चुअल उद्धाटन करने के दौरान अपने संबोधन में प्रदेश की विभिन्न योजनाओं का जिक्र किया, लेकिन नंदा देवी मेला को राजकीय मेला घोषित करने की कोई घोषणा नहीं की गई।
प्रेस को जारी बयान में भोज ने कहा मेला समिति अपने सीमित संसाधनों से वर्षों से मेला संचालित कर रही है। जो सरकारी धनराशि सरकार द्वारा समिति को उपलब्ध कराई जाती है, वो भी समय से मंदिर समिति को उपलब्ध नहीं हो पाती है। पिछले वर्ष की धनराशि भी समिति को उपलब्ध नहीं हो पाई है।
भोज ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा राजकीय मेलों को अलग अलग श्रेणी में रखा जा रहा है। 208 वर्षों से लगने वाला माँ नंदादेवी का मेला उत्तराखंड के सबसे प्राचीन मेलों में से एक है, ये मेला सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा की धार्मिक आस्था का प्रतीक है। उन्होंने सरकार से मां नंदादेवी मेला को राजकीय मेला घोषित करने की मांग की है। कहा कि यदि राज्य सरकार नंदादेवी मेले को प्रथम श्रेणी में स्थान नहीं देती है तो कांग्रेस जन आंदोलन को बाध्य होगी।
जिलाध्यक्ष भोज ने कहा कि भाजपा के नेताओं ने इस वर्ष जीआईसी के खेल मैदान तक सड़क निर्माण कर दशहरा महोत्सव का भव्य आयोजन करने का दावा किया था। लेकिन भाजपा नेताओं की बातें हवा हवाई साबित हो रही है। दशहरा महोत्सव के भव्य आयोजन के लिए इस वर्ष समुचित स्थान उपलब्ध नहीं होता है तो कांग्रेस पार्टी सरकार के साथ साथ वादे करने वाले स्थानीय भाजपा नेताओं का भी पुतला फूंकेगी।
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