लापरवाह अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग
विधायक बोले, कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस करेगी आंदोलन
अल्मोड़ा। क्वारब डेंजर जोन के पास हो रहे निर्माण कार्य में भारी अनियमतिताएं बरती जा रही है। ठेकेदार व अधिकारियों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त होने से मनमानी से काम चल रहा है। जिसके चलते करोड़ों की लागत से बनाई जा रही सुरक्षा दीवार में शुरूआत में ही दरारें आ चुकी है। गुणवत्ता की अनदेखी कर यह खुला भ्रष्टाचार है।
यह बात प्रेस वार्ता में विधायक मनोज तिवारी ने कही। विधायक तिवारी ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री व सांसद अजय टम्टा, जिला प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि क्वारब में भूस्खलन के चलते अल्मोड़ा, बागेश्वर व पिथौरागढ़ के लोग खासा परेशान हैं। करीब एक साल बाद पहाड़ी के ट्रीटमेंट, सुरक्षा दीवार व अन्य कार्यों के लिए धनराशि स्वीकृत हुई। लेकिन संबंधित अधिकारियों की अनदेखी व ठेकेदार की मनमानी के चलते सुरक्षा दीवार में दरारें पड़ने लगी है। यह घोर अनियमिततां है। कार्य में गुणवत्ता का बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखा गया।
विधायक तिवारी ने कहा यह पैसे का दुरुप्रयोग हो रहा है और सरकार कुंभकर्णी नींद में है। उन्होंने प्रदेश सरकार से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और लापरवाह अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई कर कार्य करा रही कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने की मांग की है।
विधायक ने कहा कि इस मामले में कांग्रेस सोमवार यानि आज जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपेगी। जल्द ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस धरना प्रदर्शन कर सड़कों पर उतरेगी।
प्रेस वार्ता में कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज, नगर अध्यक्ष तारा चंद्र जोशी, व्यापार मंडल अध्यख सुशील साह, भैरव गोस्वामी, पूरन रौतेला आदि मौजूद रहे।
हालात नहीं सुधरे तो बाजार बंद करने को होंगे मजबूर: साह
अल्मोड़ा। प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के जिलाध्यक्ष सुशील साह ने कहा कि क्वारब डेंजर जोन का स्थाई समाधान नहीं होने से अल्मोड़ा समेत बागेश्वर व पिथौरागढ़ का व्यापार, पर्यटन व ट्रांसपोर्ट व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उन्होंने इसके लिए सीधे तौर पर केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा को जिम्मेदार ठहराया हैं।
साह ने कहा कि अगर समय रहते क्वारब भूस्खलन जोन का संज्ञान ले लिया होता तो वर्तमान में लोगों को दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक मार्गों की स्थिति भी बहुत दयनीय है। सरकार, जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली से लगता है कि उन्हें जनता की समस्याओं से कोई लेना देना नहीं रह गया है।
उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि हालात ऐसे ही रहे तो अल्मोड़ा, बागेश्वर व पिथौरागढ़ तीनों जिलों के व्यापारियों को साथ लेकर सरकार व जनप्रतिनिधियों के खिलाफ बाजार बंद का आह्वान करने को मजबूर होंगे।
India Bharat News Latest Online Breaking News