चौघानपाटा से लक्ष्मेश्वर तक जुलूस निकाल सरकार को चेताया
डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
अल्मोड़ा। वन पंचायत परामर्शदात्रि समिति के बैनर तले कुमाऊं के सभी जिलों के वन पंचायतों के सरपंचों ने आठ सूत्रीय मांगों को लेकर गांधी पार्क में धरना प्रदर्शन किया। साथ ही चौघानपाटा से लक्ष्मेश्वर तक जुलूस निकालकर प्रदेश सरकार को चेताने का काम किया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों द्वारा कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया।
धरने के दौरान वक्ताओं ने कहा कि सरपंच संगठन लम्बे समय से अपने न्यायोचित मांगों को लेकर आंदोलित है। जिसमें सरपंचों को ग्राम प्रधानों की तरह मानदेय देने, सरपंचों का बीमा किए जाने, वन पंचायतों को समय पर लीसा व लकड़ी की रॉयल्टी का भुगतान करने, वन पंचायत सलाहकार का गठन सरपंचों के माध्यम से करने, वन पंचायत को संवैधानिक दर्जा देने, परामर्शदाती अध्यक्षों को बीडीसी बैठक में शामिल होने का अधिकार देने आदि मांगें शामिल हैं। लेकिन उनकी मांगों को अनसुना किया जा रहा है। मांगों पर शीघ्र कार्यवाही नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
वन प्रभाग एवं सिविल सोयम वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी ने धरना स्थल पहुंचकर आंदोलनकारियों से वार्ता की। प्रदर्शनकारियों द्वारा मांगों को लेकर उन्हें ज्ञापन सौंपा गया। अध्यक्षता निशा जोशी व संचालन हेम चन्द कपिल ने किया।
धरना प्रदर्शन में गणेश चन्द्र जोशी, दिनेश पिलख्वाल, विनोद पांडेय, दान सिंह कैठायत, कमल सुनाल, भीम सिंह नेगी, खुशाल हरकौटिया, प्रयाग सिंह जीना, नयन सिंह मेहरा, माधो राम, नन्द किशोर, कल्याण सिंह, किशन राम, राजेंद्र उप्रेती, नारायण सिंह नेगी, हीरा बल्लभ बेदवाल, बची राम भट्ट,, सीमा तिवारी, कमलेश जीना, लीला बोरा, बीना विष्ट, हिम्मत सिंह, चन्द्र शेखर फुलारा आदि कई सरपंच मौजूद रहे।
India Bharat News Latest Online Breaking News